पटना/21.06.19। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने नवजात शिशुओं के लिए 100 बेड के आईसीयू की मांग केंद्र सरकार से की है। साथ ही रिसर्च सेंटर स्थापित करने के लिए 100 करोड़ देने एवं नये एम्स के निर्माण की जगह राज्य के पुराने मेडिकल काॅलेजों को एम्स में परिवर्तित करने की भी बात रखी है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ राज्यों के वित्तमंत्रियों की बजट पूर्व बैठक में डिप्टी सीएम ने बिहार की कई मांगों को रखा।
‘हर घर नल जल’ योजना के तहत मार्च, 2020 तक राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली 29,400 करोड़ की राशि को केंद्र सरकार से रिम्बर्स करने की मांग की। राज्य सरकार 45 लाख वृद्धों को पेंशन दे रही है जबकि केंद्र सरकार केवल 29.90 लाख वृद्धों के लिए अंशदान राशि देती है।
वृद्ध पेंशनभोगियों की संख्या की सीमा निर्धारित नहीं होनी चाहिए। इसलिए केंद्र सरकार सभी 45 लाख वृद्धों के लिए पेंशन अंशदान दे। विधवा पेंशन योजना में विधवा की उम्र 40 तय की गई है, इसे घटा कर 18 वर्ष और दिव्यांग पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता को घटा कर 40 फीसदी किया जाए।
देश के 117 पिछड़े जिलों में शामिल बिहार के 13 जिलों में उद्योग लगाने पर आयकर व अन्य करों में राहत देने की केंद्र सरकार से मांग की। डिप्टी सीएम ने कहा कि मनरेगा व समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार जितना बजट स्वीकृत करती है, बिना किसी कटौती के उसे प्रतिवर्ष जारी करे। पिछले वर्षों में इस राशि में 30 से 40 प्रतिशत की कटौती की गयी है।