नई दिल्ली/05.07.19। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट शुक्रवार को संसद में पेश किया। खास बात यह रही कि लंबे समय से चली आ रही ब्रीफकेस की जगह लाल रंग की पोटली में वित्त मंत्री बजट संसद लेकर आयीं। बजट में हर क्षेत्र और वर्ग के लिए कई घोषणाएं की गई हैं।
बजट की मुख्य बातें :
-- प्रदूषण मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य
-- डिजिटल इंडिया को अर्थव्यवस्था केे हर क्षेत्र तक पहुंचाना
-- देश को पांच ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाना
-- छोटी और मझौली कंपनियों में रोजगार का सृजन
-- ग्रामीण क्षेत्रों में 2022 तक आवास एवं बिजली, 2024 तक हर घर जल देने का लक्ष्य
-- वन नेशन, वन ग्रिड योजना के तहत राज्यों को सस्ती बिजली
-- पानी और गैस के लिए नेशनल ग्रिड
-- जल की मांग और आपूर्ति के प्रबंधन पर जोर
-- दो अक्टूबर 2019 तक भारत को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) का लक्ष्य
-- खेल के विकास के लिए राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना
-- खेलो इंडिया योजना का सभी आवश्यक वित्तीय सहायता के साथ विस्तार
-- जनधन खाता से जुड़ीं महिला एसएचजी को पांच हजार ओवरड्राफ्ट की सुविधा, मुद्रा योजना में भी ऋण की व्यवस्था
-- अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का लक्ष्य
-- खाद्यान्न और सब्जियों में आत्मनिर्भर और निर्यात पर जोर
-- सहकारी संस्थाओं के जरिये दूध उत्पादन को बढ़ावा
-- देश की विश्वस्तरीय संस्थानों के लिए 400 करोड़ राशि आवंटित, फिलहाल दो आईआईटी एवं आईआईएससी बेंगलुरू विश्वस्तरीय संस्थान हैं।
-- भारत में अध्ययन कार्यक्रम के तहत विदेशी छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए लाना एवं उच्च शिक्षा की नियामक प्रणालियों में सुधार।
-- श्रम सुधार पर जोर
-- देश के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार देने की मुहिम
-- एनआरआई के लिए आधार कार्ड का प्रस्ताव
-- एनपीएस ट्रस्ट को पीएफआरडीए से अलग करने का प्रयास
-- एक, दो, पांच, दस एवं बीस रुपये के नये सिक्के जारी होंगे
-- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण क्षमता बढ़ाने के लिए 70 हजार करोड़ का प्रावधान
-- रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए 50 लाख करोड़ निवेश की जरूरत, सरकारी-निजी भागीदारी होगी
-- भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण में राज्य सड़क नेटवर्क का विकास
-- गंगा में नौवहन क्षमता बढ़ाने के लिए साहिबगंज और हल्दिया में दो टर्मिनल का निर्माण।