पटना/13.07.19। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जल, जीवन और हरियाली अभियान पूरे बिहार में चलाया जायेगा। नई योजना के साथ इसके क्रियान्वयन की रणनीति भी तैयार की जायेगी। इसके लिए एक इंडिपेंडेंट बॉडी बनेगी, जिसमे सभी दल के लोग शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राज्य में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न आपदाजनक स्थिति पर विमर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
आठ घंटे तक चले विमर्श कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति, डिप्टी सीएम एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने भी संबोधित किया। विमर्श में साठ से अधिक विधान मंडल सदस्यों ने अपने सुझाव दिये जबकि 130 से अधिक सदस्यों ने अपने लिखित विचार दिये।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक माह के अंदर जल, जीवन और हरियाली अभियान से संबंधित योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन शुरू करा दें। इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था की जायेगी । उन्होंने कहा आज की यह बैठक असाधारण और प्रभावकारी है। कुछ मामलों में बिहार के लोग काफी अलग हैं। सामाजिक एवं प्राकृतिक जैसे विषयों पर बिहार के लोग सदैव एकजुटता दिखाते हैं। इससे उत्साह पैदा होता है।
बिहार में हरित आवरण 9.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है। हमलोगों का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 17 प्रतिशत तक करना है। एक अगस्त से पौधारोपण का काम फिर से शुरू हो रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने की कवायद चल रही है। तालाब और झीलों का निर्माण कराकर उसमे वर्षा का पानी संग्रह किया जाएगा। गया एवं राजगीर जैसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जगहों पर पर्याप्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिए ईमानदारी से प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम में ग्लोबल वार्मिंग पर एक लघु फिल्म भी दिखायी गई। आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संसाधन, पीएचईडी, ग्रामीण कार्य, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इस मौके पर राज्य सरकार के सभी मंत्री, बिहार विधानमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, संबंधित विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद थे।