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देहदान कर नश्वर शरीर का करें सदुपयोग 

पटना/21.07.19। नश्वर शरीर का सर्वोत्तम उपयोग नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान है। इसके माध्यम से कोई व्यक्ति मृत्यु के बाद न केवल दूसरों को जिंदगी दे सकता है बल्कि खुद भी अमरत्व को प्राप्त कर लेता है। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मादी ने लोगों से अंगदान करने की अपील की। अधिक से अधिक संख्या में संकल्प पत्र भरने तथा दधीचि देहदान समिति के अभियान को आंदोलन बनाने पर जोर दिया। 

डिप्टी सीएम एसके पुरी पार्क में समिति की ओर से आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इसमें बड़ी संख्या में मॉर्निंग वॉकर्स भी मौजूद थे। 

उन्होंने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता का ही नतीजा है कि चार साल में आईजीआईएमएस में 397 लोगों ने नेत्रदान (कॉर्निया) किया है। अब तक 367 लोगों को कॉर्निया का प्रत्यारोपण कर उनकी जिंदगी को रौशन किया गया है। मेडिकल साइंस की तमाम तरक्की के बावजूद नेत्र, हृदय, किडनी एवं लिवर का कृत्रिम तौर पर निर्माण संभव नहीं हो सका है। 

डिप्टी सीएम ने कहा कि इस देश में देहदान व अंगदान की प्राचीन परंपरा रही है । दानवों के संहार के लिए महर्षि दधीचि ने अपनी अस्थियों का तो एक पक्षी को बचाने के लिए राजा शिबि ने अपने शरीर का मांस काट कर बहेलिये को दे दिया था।

संगोष्ठी में विधायक संजीव चौरसिया, नितिन नवीन, डॉ गोपाल प्रसाद सिन्हा, आईजीआईएमएस के नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ विभूति समेत बड़ी संख्या में गण्यमान्य लोग शामिल थे।


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