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कृषक उत्पादक संगठन बनाकर खेती करें छोटे किसान 

पटना/23.07.19। बिहार में 95 फीसदी किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। इन छोटे किसानों के जोत का आकार छोटा होने से विशेष फसल का उत्पादन काफी कम होता है। इस कारण उत्पादों का उचित लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए किसानों को कृषक उत्पादक संगठन बनाकर खेती करनी चाहिए। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार बामेती में किसानों की आय दोगुनी करने के उपाय विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि उत्पादक संगठन के माध्यम से खेती करने से लागत मूल्य कम होने के साथ उत्पादन अधिक होगा। व्यवसायी स्वयं किसानों से संपर्क करेंगे अथवा किसान ई-मार्केटिंग के जरिये अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर बेच सकेंगे। राज्य में छोटे किसानों को संगठित कर सामूहिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन का गठन हो रहा है। अब तक राज्य में लगभग 300 किसान उत्पादक संगठनों का गठन हो चुका है। 

लघु किसान कृषि व्यापार संगठन भारत सरकार की ऐसी ही संस्था है। इसके माध्यम से किसान उत्पादक संगठन को 10 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त होता है। इसके लिए कृषक उत्पादक संगठन में उत्पादकों की संख्या कम से कम 50 होनी चाहिए। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य किसानों के उत्पादन से लेकर बाजार तक की सभी समस्याओं का समाधान करना है। 

डाॅ प्रेम ने कहा कि किसान खेती-बारी के साथ मछली, मुर्गी एवं बकरीपालन एवं अन्य व्यवसायों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कृषि पदाधिकारियों से आग्रह किया कि जलवायु परिवर्तन को देखते हुए जल संरक्षण एवं अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। साथ ही कम पानी मेें अधिक उपज प्राप्त करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए भी जागरूक करें।
 


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