भागलपुर/25.07.19। राज्यपाल लालजी टंडन ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में पांच महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ किया। ये कार्य पानी साफ करने के संयंत्र, वर्षा जल संरक्षण, पौधारोपण, सौर ऊर्जा इकाई एवं जीरो बजट कृषि पद्धति हैं।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को हाल में मिली 18 वीं रैंक एवं विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र को सर्वोत्तम कृषि विज्ञान केन्द्र के पुरस्कार के लिए बधाई दी। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र सबौर, कृषि विज्ञान केंद्र रोहतास एवं कृषि विज्ञान केंद्र औरंगाबाद के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने जीरो बजट फार्मिंग एवं क्लाईमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर पर विशेष जोर देने की बात कही। उन्होंने विश्वविद्यालय के उल्लेखनीय कार्यों की चर्चा की। इनमें सबौर एग्री इन्क्यूवेटर की स्थापना, बिहार में पहली बार मैसिव ओपन ऑनलाईन कोर्स की शुरूआत, नैनो टेक्नोलाॅजी, आर्सेनिक तत्व के कुप्रभाव का प्रबंधन, जैव प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक साधन प्रबंधन पर शोध के साथ किसानों को यू-ट्यूब से जोड़ना शामिल है।
कुलपति डाॅ अजय कुमार सिंह ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के किसान चौपाल कार्यक्रम की महत्ता बतायी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के इस कार्यक्रम को पूरे प्रदेश में अपनाया गया है। इस मौके पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, निदेशक डाॅ आरके सोहाने एवं डाॅ आर एन सिंह समेत कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के छात्र एवं कर्मी उपस्थित थे।