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सड़कों की तरह पुलों के लिए भी बनेगी मेंटेनेंस पॉलिसी 

पटना/26.07.19। बिहार में सड़कों की तरह पुलों के लिए भी मेंटेनेंस पॉलिसी तैयार हो रही है। सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट होगा। नदियों पर बने बड़े पुलों की अंडर वाटर जांच होगी। सभी कार्य के बेहतर प्रबंधन के लिए एक विंग तैयार किया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेजर ब्रिजेज इन बिहार, इनोवेशन एंड चैलेंजेज विषय पर आयोजित कार्यशाला में उक्त बातें कहीं।

ज्ञान भवन में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आईएनजी-आईएबीएसई एवं बीआरपीएनएनएल ने किया है। जिसमें पुलों के निर्माण, तकनीक एवं गुणवत्ता पर चर्चा होगी। कार्यशाला को डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी एवं पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने भी संबोधित किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी के लिए इंजीनियरों को प्रशिक्षण की जरूरत है। स्टेट हाइवे, शहरी एवं ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं देखरेख के लिए मेंटेनेंस पॉलिसी है। रोड मेंटेनेंस लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के दायरे में है। अब जनता के पास सड़कों की गुणवता की शिकायत का अधिकार होगा। 

राज्य में गुणवत्ता, निर्धारित समय और बेहतर रखरखाव के सिद्धांत पर निर्माण कार्य हो रहा है। इस कार्य को और बेहतर करने में विशेषज्ञों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि कार्यशाला में आये राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की सलाह एवं ज्ञान का लाभ बिहार को मिलेगा। इस विषय पर भी चर्चा होनी चाहिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में बेहतर तकनीक का कैसे प्रयोग हो। पुलों का निर्माण ऐसा हो कि नदियों के प्रवाह में बाधा नहीं आयेे।

इंडियन नेशनल ग्रुप (आईएनजी) के इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर ब्रिज एंड स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग (आईएबीएसई) की स्थापना 1957 में हुई थी। यह देश एवं दुनिया में निर्माण कार्य पर चर्चा और अध्ययन करता है। 

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) ने 2005 से जुलाई 2019 तक 2160 योजनाओं को पूरा किया है। 2018-19 में निगम का टर्न ओवर 1600 करोड़ रुपये हो गया है। 2005-06 में टर्न ओवर 57.39 करोड़ रुपये था। 

इस अवसर पर प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, आईएनजी-आईएबीएसई के अध्यक्ष सह विशेष सचिव आईके पांडेय, साइंटिफिक अध्यक्ष एडी नारायण, सचिव बीके सिन्हा, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अनुपम कुमार एवं संजय अग्रवाल मौजूद थे। 
 


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