पटना/मुंबई । फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अल्केम लैबोरेट्रीज के संस्थापक संप्रदा सिंह (94 वर्ष) नहीं रहे। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने मुंबई के लीलावती अस्पताल में आखिरी सांस ली। वे बिहार के जहानाबाद जिले से थे। दुनिया के अरबपतियों की सूची में 2018 में फोर्ब्स पत्रिका में उन्हें जगह मिली थी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा है कि संप्रदा सिंह बड़े उद्योगपति होने के बावजूद अपने गृह जिला और बिहार से हमेशा जुड़े रहते थे। उनके निधन से उद्योग जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।
संप्रदा सिंह के निधन से उद्योग जगत में शोक है। देश के प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ बिहार उद्योग संघ (बीआईए) एवं बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स ने भी शोक प्रकट किया है।

अल्केम फार्मा क्षेत्र की देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी की कैपिटल 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। संप्रदा सिंह ने 1973 में मुंबई में अल्केम लैबोरेट्रीज की स्थापना छोटे भाई वासुदेव नारायण सिंह के साथ की थी। 1953 में उन्होंने पटना में दवा का रिटेल कारोबार शुरू किया था। बाद में उन्होंने कई कंपनियों की एजेंसी ले ली।
बीआईए : उद्योगपति संप्रदा सिंह के निधन पर संघ के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने अपनी संवेदना व्यक्त की है। उनके जीवन के संघर्ष, उद्यमशीलता और सफलता को याद करते हुए कहा कि संप्रदा बाबू बिहार के चुनिंदा सफल उद्यमियों में हैं, जिन्होंने देश के काॅरपोरेट जगत में अपनी पहचान कायम की। वे प्रथम पीढ़ी के उद्यमी थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान परिवार की थी। उनका निधन उद्योग जगत के लिए अपूर्णींय क्षति है।

बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स : बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने ने कहा कि संपद्रा सिंह अपनी मेहनत एवं काबिलियत के बल पर बिहार के गांव से निकलकर फोर्ब्स के उद्योगपतियों की सूची में शामिल हुए। अल्केम 30 साल से बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स का सदस्य है । चैंबर के 90 वर्ष के अवसर पर उन्हें सितंबर 2016 में सम्मनित किया गया था ।