पटना/31.07.19। पर्यावरण के प्रति सभी को सजग होना होगा। इसके बिना न जल रहेगा, न जीवन। जल और हरियाली रहेगी तभी जीवन सुरक्षित रहेगा। इसके लिए सभी को मिशन मोड में काम करना होगा। राजनीतिक दल भी इसमें भागीदार होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अणे मार्ग में जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। इससे संबंधित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी।
सीएम ने कहा कि अभियान के बेहतर संचालन के लिए एक कमिटी बनेगी। सौर ऊर्जा के लिए भी काम करना होगा। यह भी पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा है। तालाब के ऊपर सोलर प्लेट लगाने का काम जारी है यानी नीचे मछली रहेगी और ऊपर बिजली तैयार होगी। पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग को सड़कों के किनारे एवं जल संसाधन विभाग को तटबंधों पर पौधारोपण का निर्देश मिला। सीएम ने कहा कि तेजी से पौधारोपण करने से राज्य हरित आवरण क्षेत्र बढ़ाने के लक्ष्य से आगे निकल जायेगा। जल के दुरुपयोग को रोकना होगा।
बैठक में शामिल विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव ने जल-जीवन-हरियाली अभियान की तैयारी को लेकर प्रेजेंटेशन दिये। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अरविंद चौधरी ने तालाब, पईन एवं आहर जैसी अन्य संरचनाओं की पहचान कर उनके जीर्णोद्धार योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जियो टैगिंग के माध्यम से सभी संरचनाओं को ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
राज्य में 1 से 15 अगस्त तक वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 1 करोड़ पौधे लगायेगा। मनरेगा के तहत 50 लाख पौधे लगाये जायेंगे। जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने बारिश के समय गंगा के जल को दक्षिण बिहार के जिलों में पाइप से पहुंचाने संबंधित प्रेजेंटेशन दिया। कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने सिंचाई पर कम निर्भरता वाली वैकल्पिक फसल की जानकारी दी।
बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मंत्री संजय झा, सुरेश शर्मा, अशोक चौधरी, सीएम के परामर्शी, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, प्रत्यय अमृत, अमृत लाल मीणा, दीपक कुमार सिंह, चैतन्य प्रसाद, चंचल कुमार, सचिव एन विजयालक्ष्मी, विनय कुमार, जीविका के सीईओ एवं सीएम सचिवालय के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।