जयनगर (मधुबनी) । भारत-नेपाल सीमा पर सामान की खरीदारी के लिए बने बैगेज नियम (baggage rules) को स्पष्ट करने की मांग जयनगर चैंबर ऑफ काॅमर्स ने की है। चैंबर का कहना है कि प्रतिदिन नेपाली नागरिक जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों में आते हैं। नेपाल लौटते वक्त उन्हें बाॅर्डर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं सीमा शुल्क विभाग का सामना करना पड़ता है। जांच के दौरान उन्हें अपमानित एवं कई बार सामान रोक दिया जाता है।
इसका असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है। नेपाल से सटे बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रतिदिन करीब 75 करोड़ का कारोबार होता है। सिर्फ मधुबनी जिले से प्रतिदिन करीब 30 हजार नेपाली नागरिक दस करोड़ के सामान की खरीदारी करते हैं।
बैगेज नियम की स्पष्ट जानकारी नहीं होने की वजह से एसएसबी एवं सीमा शुल्क विभाग में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इस सबंध में सीमा शुल्क विभाग के 31.03.2016 के नोटिफिकेशन नंबर 43/2016 में भी स्पष्ट नहीं है कि निजी उपयोग के अंतर्गत किन वस्तुओं, कितना वजन और कितनी राशि का सामान क्रय करना है।
जयनगर चैंबर ऑफ काॅमर्स के महासचिव अनिल कुमार वैरोलिया ने राज्य सरकार के माध्यम से भी इस समस्या का निराकरण करने की मांग की है। इस सबंध में चैंबर ने अपने स्तर से केंद्रीय वित्त मंत्री को दो बार पत्र लिखा है। हाल में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव के माध्यम से भी केंद्रीय वित्त मंत्री को आवेदन दिया गया है।
भारत-नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। दोनों देशों के नागरिक बिना रुकावट के दोनों देशों में आते-जाते हैं। बिहार के सात जिलों की सीमा नेपाल से सटी हुई है।