नई दिल्ली। 73 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी। पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर (5 ट्रिलियन डाॅलर) का बनाना है। वर्तमान अर्थव्यवस्था 3 लाख करोड़ डॉलर की हैै।
दो अक्टूबर से प्लास्टिक मुक्त अभियान : गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा प्लास्टिक से कई समस्याएं हो रही हैं। इसलिए इससे मुक्ति पाना होगा। जूट और कपड़े के थैलों का उपयोग बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में कारोबारियों से सहयोग की उम्मीद है। पीएम ने कहा हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हमारा रुपे कार्ड सिंगापुर में चल रहा है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित : देश की तीनों सेनाओं में सामंजस्य के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का नया पद सृजित होगा। इससे तीनों सेनाओं के शीर्ष स्तर पर एक प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। यह प्रस्ताव अटल बिहारी वाजपेयी के समय से ही लंबित था। करगिल युद्ध के बाद गठित उच्च स्तरीय समिति ने 2001 में ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति की सिफारिश की थी।
बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधक : प्रधानमंत्री ने देश की बढ़ती जनसंख्या पर भी अपनी चिंता जतायी। उन्होंने देशवासियों से छोटे परिवार की अपील की। यह भी एक तरह से देशभक्ति ही है। छोटा परिवार वाले सम्मान के अधिकारी हैं।
ईज ऑफ लिविंग पर जोर : प्रधानमंत्री ने कहा आम नागरिकों का जीवन स्तर बढ़ाने के लिए ईज ऑफ लिविंग हमारा लक्ष्य है। ईज ऑफ डुइंग बिजनस एक पड़ाव है, मंजिल तो ईज ऑफ लिविंग है। जब कोई छोटा काम करना चाहते हैं, तो कई दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता है। आम लोगों को सरकारी काम के लिए कोई परेशानी न हो। इसके लिए हम यह काम करना चाहते हैं।
लोकल प्रोडक्ट पर बल : मेड इन इंडिया प्रोडक्ट हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। बेहतर कल के लिए हमें लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा देना होगा। इससे हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। लघु उद्यमियों को बल मिलेगा।
जल जीवन मिशन : जल जीवन मिशन पर केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम करेंगे। लोगों को पानी के महत्व को समझना होगा। जल संचय की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है। इसके लिए 3.5 लाख करोड़ रुपये की योजना है।
एक देश, एक चुनाव पर हो चर्चा : एक देश, एक साथ चुनाव की लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा होनी चाहिए। जीएसटी के माध्यम से वन नेशन, वन टैक्स, ऊर्जा के क्षेत्र में वन नेशन, वन ग्रिड , वन नेशन, वन मोबिलिटी कार्ड विकसित किया गया हैै। एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपनों को साकार करने के लिए और भी नई चीजों को हमें जोड़ना होगा।