नई दिल्ली/पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिए राज्य सरकार ने बहुमुखी रणनीति बनायी है। न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर आधारित ‘आपकी सरकार आपके द्वार’ योजना 2006 से प्रभावित इलाकों में शुरू की गई है। सीएम विज्ञान भवन में गृहमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित वामपंथी उग्रवाद समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
गृह मंत्रालय ने देश में वामपंथी उग्रवादी हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित 30 जिलों की पहचान की है। इनमें बिहार के चार जिले गया, औरंगाबाद, जमुई एवं लखीसराय चिन्ह्ति किये गये हैं ।
सीएम ने कहा कि राज्य में प्रभावित आठ जिलों के योग्य लाभार्थियों को उनके द्वार पर ही लाभान्वित किया जा रहा है। आवास, विद्यालय एवं सामुदायिक भवन, ग्रामीण सड़क निर्माण के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण तथा कौशल विकास की समेकित योजना का कार्यान्वयन किया गया है। राज्य सरकार की इस पहल को काफी सफलता मिली। इसके बाद केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान योजना लागू की।
वर्तमान समय में उग्रवादी गतिविधियां काफी हद तक नियंत्रण में है। यह गृह मंत्रालय के आंकड़ों से भी स्पष्ट है। यदि पिछले पांच वर्षों की तुलना की जाये तो 2013 की तुलना में 2018 में हिंसा की घटनाओं में 60 प्रतिशत की कमी आई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर तीन इंडिया रिजर्व बटालियन का गठन डुमरांव, सहरसा एवं बाल्मिकीनगर में किया गया है। एक स्पेशल रिजर्व बटालियन का गठन बोधगया में हो रहा है।
बैठक में गृहमंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी मौजूद थे।