पटना। राज्य के बाढ़ प्रभावित 13 जिलों के कर्जदारों को दो साल के लिए पुनर्गठित करने एवं दस हजार रुपये तक उपभोक्ता ऋण देने का निर्देश डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बैंकों को दिया है। साथ ही बाढ़ प्रभावित जिलों में दस दिनों के अंदर जिला बैंकर्स समिति की बैठक के लिए भी कहा गया है। बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद डिप्टी सीएम ने जानकारी दी।
आपदा की वजह से एक साल तक कर्ज वसूली स्थगित रखने एवं अगली फसल के लिए केसीसी के तहत नया लोन देने का प्रावधान है। स्थगित अवधि के बकाये कर्ज पर केसीसी कर्जदारों को मात्र चार प्रतिशत ब्याज देना होगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य के 13 जिलों की 104 लाख आबादी इस साल बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार प्रति परिवार छह हजार रुपये की दर से अब तक 21.70 लाख परिवारों को 1300 करोड़ रुपये की सहायता राशि पीएफएमएस के जरिए सीधे उनके खाते में भुगतान कर चुकी है।
बाढ़ से दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और अररिया में सर्वाधिक क्षति हुई है। इस दौरान 130 लोगों की मृत्यु और बड़े पैमाने पर मकान एवं फसलों की क्षति हुई है। बैठक में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ अधिकारी, वित्त एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव मौजूद थेे।