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पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक का कोई इरादा नहीं : गडकरी

नई दिल्ली/एजेंसी। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के वाहनों को प्रतिबंधित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है। उन्होंने माना कि मौजूदा आंकड़ों से स्पष्ट है कि वाहन उद्योग इस समय समस्याओं से गुजर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग को सरकार की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया।

वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन (सियाम) की वार्षिक बैठक के बाद उन्होंने बताया कि सरकार बिजली एवं वैकल्पिक ईंधनों से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। इसकी वजह देश पर पेट्रोलियम आयात से सात लाख करोड़ रुपये का सालाना बोझ है। साथ ही प्रदूषण की गंभीर समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। 

गडकरी ने सियाम को सलाह दी है कि बैंकों से वाहन ऋण की उपलब्धता कम होने की स्थिति में वाहन कंपनियां अपना एनबीएफसी बनाकर वाहन ऋण दे सकती हैं। इससे उन्हें बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार अपनी तरफ से वाहन एवं दूसरे ऋणों की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास कर रही है। 

एक सितंबर से लागू नये मोटर वाहन अधिनियम का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छा अधिक जुर्माना की बिल्कुल नहीं है। सरकार चाहती है कि दुर्घटनाएं कम हो ताकि लोगों की जान बच सके। उन्होंने कहा कि देश में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

गडकरी ने कहा कि कारोबार में उतार-चढ़ाव, नफा-नुकसान का दौर आता रहता है। इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। निर्यात बढ़ाकर घरेलू बाजार में कम हुई बिक्री की भरपाई की जा सकती है। इसके लिए सरकार भी जरूरी प्रोत्साहन योजना बना सकती है।

सियाम की मांग : सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि लगातार घटती बिक्री के कारण वाहन उद्योग की स्थिति बेहद खराब हो गयी है। उन्होंने सरकार से वाहनों पर जीएसटी की दरों में कटौती की मांग की। यदि स्थायी रूप से संभव न हो, तो कम से कम कुछ समय के लिए ही कर की दरों में कमी की जानी चाहिए। 
 


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