मुख्य समाचार

बोधगया बनेगा विश्व की आध्यात्मिक राजधानी 

उलानबटार (मंगोलिया)। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने मंगोलिया में कहा कि बिहार एवं केंद्र सरकार की इच्छा बोधगया को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की है। साथ ही इस स्थल को भारत एवं बौद्ध देशों के बीच सभ्यता की कड़ी के रूप में भी विकसित करना चाहती है। राज्य सरकार 145 करोड़ की लागत से 2500 क्षमता के ऑडिटोरियम एवं सांस्कृतिक परिसर बोधगया में बना रही है। इसे बौद्ध सांस्कृतिक केंद्र के नाम से जाना जायेगा। 

डिप्टी सीएम ने भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में दो दिवसीय बौद्ध-हिंदू सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन 6 से 7 सितंबर तक है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध जिन स्थानों पर ठहरे , जिन मार्गों से यात्रा की एवं तपस्या की उन सभी जगहों  को 101.41 करोड़ की लागत से विकसित किया जायेगा। भारत सरकार ने भी 2019 के बजट में बोधगया सहित देश के 17 पर्यटक स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की है।

उद्धघाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं  14 वें दलाई लामा ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। जापान के प्रधानमंत्री का संदेश भी पढ़ा गया। सम्मेलन को आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर एवं अवधेशानंद गिरि समेत दो दर्जन से अधिक बौद्ध देशों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सत्रों में संबोधित किया। 

सम्मेलन का विषय बौद्ध एवं हिन्दू धर्म की पहल : वैश्विक संघर्ष का परिहार एवं पर्यावरण चेतना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं दलाई लामा की दी हुई भगवान बुद्ध की मूर्तियों के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उद्घाटन मंगोलिया के प्रधानमंत्री ने किया।
 


संबंधित खबरें