नई दिल्ली। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बोतलबंद पानी बेचने वाली कंपनियों को 11 सितंबर तक पैकेजिंग का विकल्प देने को कहा है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में एक अंतर मंत्रालय समिति का गठन किया गया है। समिति एक बार या चरणबद्ध तरीके से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के मुद्दे पर विचार करेगी। प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को 2 अक्टूबर से देश में सिंगल यूज प्लास्टिक हटाने के अभियान की घोषणा की है।
खाद्य मंत्री ने बोतलबंद पानी उद्योग और सरकारी विभागों के साथ बैठक में कई निर्देश दिये। पासवान ने कहा कि रिसाइक्लिंग स्थायी समाधान नहीं है। इसलिए एक विकल्प खोजने की जरूरत है, जो सस्ता और विश्वसनीय हो। शुद्ध कागज की बोतल भी विकल्प नहीं हो सकता है। वजह उससे बनने वाले पैक में कुछ प्लास्टिक मिला होता है।
उन्होंने कहा कि आज की बैठक में बोतलबंद पेयजल का कोई ठोस विकल्प नहीं मिला। इसलिए सभी निर्माताओं से सुझाव 11 सितंबर तक भेजने को कहा गया है। इनकी सिफारिशों को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और अंतर-मंत्रालय समिति को भेजा जायेगा।
मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में प्लास्टिक की बड़ी भूमिका है। बैठक में उपभोक्ता मामलों के सचिव ए.के. श्रीवास्तव, पर्यावरण और रसायन मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय मानक ब्यूरो, एफएसएसएआई एवं आइआरसीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।