पटना/11.09.19। राम कृष्ण मिशन (आरके मिशन) के स्वामी सुखानंद ने कहा कि हर मनुष्य को स्वयं पर विश्वास करना चाहिए। किसी काम का संकल्प लेने पर उसे भरोसा होना चाहिए कि वह इसे जरूर पूरा करेगा। भले ही इस मार्ग में कितनी बाधाएं आये। वर्तमान पर केंद्रित करने से भविष्य भी ठीक रहता है। वह नाला रोड स्थित राम कृष्ण मिशन आश्रम में लाइफ एंड मैसेज ऑफ स्वामी विवेकानंद विषय पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थेे। समारोह में बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे।
स्वामी विवेकानंद के शिकागो में धर्म पर दिये गये संबोधन के 125 वें वर्षगांठ समारोह का समापन आज हो गया। 11 सितंबर 1893 को राम कृष्ण परमहंस के निर्देश पर स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म सम्मेलन को संबोधित किया था।
स्वामी सुखानंद ने विवेकानंद के विचारों को रखते हुए युवाओं से कहा कि अपने अंदर की शक्ति को पहचानने से काम आसान हो जाता है। मन को संयमित करना होता है। चाहे वह पढ़ाई हो या अन्य उपयोगी कार्य। शरीर को पवित्र रखना भी जरूरी है। भौतिक सुख लक्ष्य पाने में अवरोधक है। इससे युवाओं का बचना होगा।
मनुष्य को दूसरों के लिए भी जीना चाहिए। ऐसा करने वाले लोग महान होते हैं। दूसरों के लिए अच्छा करने से अपना भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य के पृथ्वी पर आने का एक उद्देश्य है। इसे पूरा करना चाहिए नहीं, तो मानव जीवन बेकार हो जायेगा।
समारोह के दौरान कई भजनों को पेश किया गया। अभिनव के राम कृष्ण शरणं भजन पर युवा झूम उठे। इस मौके पर स्वामी ब्रहमयोगानंद, स्वामी रवींद्र, अमरेंद्र नाथ बनर्जी, चंदन, मृत्युंजय एवं कई महिला श्रद्धालु मौजूद थे।