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बिहार में मेडिकल इक्विपमेंट क्षेत्र में निवेश की संभावना  ​

पटना/22.09.19। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार में मेडिकल इलेक्ट्राॅनिक्स इक्विपमेंट में निवेश की संभावना है। राज्य सरकार यदि जमीन उपलब्ध कराये तो, केंद्र इस दिशा में मदद के लिए तैयार है। केंद्र सरकार इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दे रही है। बिहार इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। केंद्रीय मंत्री बिहार उद्योग संघ के वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राज्य के उद्योग मंत्री श्याम रजक भी मौजूद थे।   

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के सभी औद्योगिक क्षेत्रों का ऑडिट  होना चाहिए। इससे कई चीजें सामने आ जायेंगी। बिहार में ऋण-जमा अनुपात बढ़ाना जरूरी है। भारत सरकार का मानना है कि पूर्वी भारत के विकास के बिना देश का विकास असंभव है। इसमें बिहार की अहम् भूमिका होगी।

समाज में समानता लाने के लिए विकास ही एक मात्र रास्ता है। इसके लिए जरूरी है कि लोग ईमानदारी से काम करें और सही टैक्स भरें। टैक्स की राशि से विकास कार्य होते हैं। सरकार ने करदाताओं को सम्मान दिया है। इसका नतीजा है कि आयकर संग्रह 2013-14 के 6.38 लाख करोड़ रुपये की तुलना में वर्तमान में 10.20 लाख करोड़ हो गया है। 

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से आयकर विभाग से सीधे कोई नोटिस नहीं आयेगा। नई व्यवस्था में बिना डिजिटल कोड के आया नोटिस गैर कानूनी होगा। शीघ्र बिहार में काॅमर्शियल कोर्ट खुलेगा।  

केंद्रीय मंत्री ने बिहार में अपने विभाग की उपलब्धियों को भी बताया। उन्होंने कहा डिजिटल गवर्नेंस से देश मजबूत होगा। पटना में टीसीएस का सेंटर खुल गया है। एसटीपीआई केंद्र की क्षमता बढ़ायी जा रही है। नौ बिजनस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) सेंटर कार्यरत है। शीघ्र गया में भी बीपीओ सेंटर खुलेगा। देश का आठवां आधार केंद्र पटना में एवं बिहार का दूसरा महिला डाकघर बीपीएससी ऑफिस में खुल गया है। 

उन्होंने बीआईए से अपने परिसर में संस्थागत मध्यस्थता केंद्र (इंस्टीट्यूनल आर्बिट्रेशन सेंटर) खोलने की सलाह दी। प्रामाणिक लोगों को इसमें जगह दे ताकि कोर्ट यहां की सिफारिश कर सके। 

उद्योग मंत्री श्याम रजक एवं बीआईए अध्यक्ष केपीएस केशरी ने भी अपने विचारों को रखा। इस मौके पर उपाध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता समेत बीआईए के सभी सदस्य मौजूद थे।    


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