पटना। केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन भी जरूरी है। दुधारू पशु, मुर्गी एवं मछली पालन इसमें काफी मददगार होंगे। पशुधन का हमारी संस्कृति में काफी महत्व है। वे ज्ञान भवन में तीन दिवसीय बिहार पाॅलट्री एवं एक्वा एक्सपो के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है। नाबार्ड को योजनाएं बैंकों पर थोपने से बचना होगा। कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी लोग एवं वित्तीय संस्थानों के साथ समय-समय पर बैठक होनी चाहिए। गांव के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। किसानों को उनकी लागत का उचित मूल्य कैसे मिले। इस कार्य में कृषि एवं पशु वैज्ञानिकों पर बड़ी जिम्मेवारी है। बिहार को हर तरह का माॅडल चाहिए। पशु चारा संकट एवं उत्पादन लागत कैसे कम हो। इसपर गंभीरता से विचार करना होगा।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि रोड मैप में प्रावधान है। पर्याप्त राशि के साथ अनुदान की भी व्यवस्था है। समेकित प्रयास से राज्य में अंडा, मछली एवं मांस का उत्पादन बढ़ रह़ा है।
ओवल एग्रोटेक, हाजीपुर के एमडी आरके सिंह ने कहा कि अंडा उत्पादन में बिहार तेजी से बढ़ रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र हम निर्यात की स्थिति में आ जायेंगे। उन्होंने सरकार से मांस एवं अंडे की कीमत निर्धारित करने की मांग की। इस क्षेत्र में किसान मार्केट की व्यवस्था हो ताकि किसान वहां सामान बेच सकें। बिचौलियों के कारण उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पा रहा है।
कार्यक्रम को सचिव एन. विजयालक्ष्मी, पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति रामेश्वर सिंह एवं नाबार्ड के सीजीएम अमिताभ लाल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विजय प्रकाश, निसार अहमद, बड़ी संख्या में किसान एवं आयोजक राकेश कश्यप मौजूद थे।