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गुरु नानक देव जीवन भर मानव सेवा के प्रति रहे समर्पित 

पटना । राज्यपाल फागु चौहान ने कहा है कि गुरु नानक देव ने संदेश दिया है कि ईश्वर सत्य है और मनुष्य को अच्छे कार्य करने चाहिए। वे विश्व शांति और मानवता के उच्च मूल्यों को स्थापित करना चाहते थे। इसके लिए वे 1499 से ही सक्रिय हो गये और पूरे जीवन मानव सेवा के प्रति समर्पित रहे।

राज्यपाल गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती पर गुलजारबाग में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजकीय महिला महाविद्यालय परिसर में 11 से 15 नवंबर तक गुरु नानक देव पर आधारित प्रदर्शनी रहेगी।  

प्रेम, शांति, सदभावना और भक्ति के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए गुरु नानक देव ने लंबी यात्रा की। लगभग दो दशकों में उन्होंने चालीस हजार मील की यात्रा की। माना जाता है कि पूर्व दिशा की अपनी पहली यात्रा के दौरान वे 1506 में बिहार आये थे। गंगा के किनारे-किनारे चलते हुए बक्सर से उन्होंने बिहार में प्रवेश किया था और आरा, छपरा होते हुए वे पटना पहुंचे। यहां से वे गया-बोधगया, रजौली और राजगीर भी गये थे। 

पटना प्रवास के समय वे अपने एक प्रमुख शिष्य सलस राय की हवेली में करीब आठ माह तक ठहरे थे। यहां से प्रस्थान करते समय उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि इस स्थान पर एक महान पुरुष का जन्म होगा। इसी हवेली में गुरु गोविन्द सिंह जी का जन्म हुआ, जिसे तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के नाम से जाना जाता है। सांसद राम कृपाल यादव ने कहा कि गुरु नानक देव की जयंती पूरे विश्व में मनायी जा रही है। वे हमेशा महिलाओं के सम्मान की बात करते थे ।

इस अवसर पर विधायक अरुण कुमार सिन्हा, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, आरओबी के महानिदेशक एसके मालवीय, तख्त हरिमंदिर साहिब के महासचिव सरदार महेंद्र पाल सिंह ढिल्लन ने भी अपने विचारों को रखा। मौके पर आरओबी के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार, सहायक निदेशक संजय कुमार एवं एनएन झा भी मौजूद थे।
 


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