मुख्य समाचार

बिहार पवेलियन को आईआईटीएफ में मिला पांचवीं बार गोल्ड 

नई दिल्ली/पटना। भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) में बिहार पवेलियन को इस साल भी गोल्ड मेडल मिला है। उत्कृष्ट साज-सज्जा के लिए बिहार को इससे पहले 2014, 2015, 2016 एवं 2018 में गोल्ड मेडल मिल चुका है। 39 वें आईआईटीएफ का आयोजन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर, 2019 तक किया गया था।  

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल, स्थानीय आयुक्त विपिन कुमार, उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा, मंडप के निदेशक विशेश्वर प्रसाद, धमेंद्र सिंह और लोकेश झा को सम्मानित किया।

उद्योग मंत्री श्याम रजक ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में बिहार पवेलियन को पुरस्कृत किये जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है। साथ ही बिहार पवेलियन के कलाकारों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प के क्षेत्र में भी बिहार प्रगति कर रहा है। यह पुरस्कार उसी का सूचक है। 

अवार्ड दिलाने में राज्य की प्रमुख चार कलाओं मधुबनी, मंजूषा एवं टिकुली पेंटिंग तथा टेराकोटा कला का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना को बिहार पवेलियन सजाने के लिए इस बार नोडल एजेंसी बनाया गया था। बिहार मंडप को इस वर्ष मेले की थीम इज ऑफ डुइंग बिजनेस के अनुरूप नायाब रूप दिया गया था।

उद्योग सचिव नर्मदेश्वर लाल ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि बिहार प्राचीन समय से कला एवं शिल्प के मामले में समृद्ध रहा है। बिहार मंडप में हमने उसकी एक झलक पेश की और गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहे । यह बिहार के लिए गौरव की बात है। 
 


संबंधित खबरें