पटना। सूबे में प्लाईवुड, विनियर एवं फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। इसके लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में कुछ बदलाव के साथ अन्य उपाय भी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्यमी पंचायत की बैठक में इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में प्लाईवुड, विनियर एवं फर्नीचर उद्योग से जुड़े कारोबारी एवं व्यावसायिक संघ ने अच्छे सुझाव दिये हैं। इस उद्योग को बढ़ावा देने में जो भी समस्याएं आ रही हैं। सभी का समाधान किया जायेगा। सरकार स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देना चाहती है। उद्योग को प्राथमिकता सूची में डालने एवं नई तकनीक के प्रयोग पर भी चर्चा हुई है। बैठक में उठाये गये विभिन्न मुद्दों पर मुख्य सचिव के स्तर पर संबंधित विभागों के प्रधान के साथ बैठक होगी। अगर जरूरत हुई, तो उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी विमर्श किया जायेगा।

सीएम ने कहा कि कागज की उपयोगिता को देखते हुए कागज उद्योग को भी बढ़ावा देना होगा। इन उद्योगों को बढ़ावा देने से हरियाली मिशन और कृषि रोड मैप के लक्ष्य की प्राप्ति होगी। किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ लोगों को रोजगार मिलेगा। दूसरे राज्यों में इन उद्योगों की बेहतरी के लिए किये गये उपायों का अध्ययन विभाग एवं उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों को करने का निर्देश मिला।
उद्यमी पंचायत में उद्योग मंत्री श्याम रजक ने भी अपने विचार रखे। बीआईए के अध्यक्ष राम लाल खेतान, बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स के महासचिव अमित मुखर्जी, प्लाईवुड, विनियर एवं फर्नीचर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि राम विलास शर्मा, दिनेश मिश्रा, आनंद खेमका, अमरेश शर्मा एवं राजकुमार सोमानी ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव एवं डाॅ प्रेम कुमार, मुख्य सचिव एवं डीजीपी समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।