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नेत्रदान कर किसी की जिंदगी में लाएं रोशनी 

पटना। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने लोगों से आग्रह किया है कि मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लें। इससे आपके जाने के बाद आपकी आंखों से किसी को ज्योति मिल सकती है। इसके लिए बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में आई बैंक स्थापित किया गया है। दधीचि देहदान समिति के चिकित्सकों ने नेत्रहीन बालिका विद्यालय, कुम्हरार के चार बच्चों को चिन्हित किया है। इनमें दो का नेत्र प्रत्यारोपन संभव होगा। 

डिप्टी सीएम बालिका नेत्रहीन विद्यालय, कुम्हरार में आयोजित लुई ब्रेल स्मृति समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन बिहार नेत्रहीन परिषद ने किया था। उन्होंने कहा कि ब्रेल लिपि के महत्व को समझते हुए फ्रांस की सरकार ने लिपि के जनक लुई ब्रेल के शव को गांव से निकाला। उन्हें महान राजनेता, वैज्ञानिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्तियों की समाधि के बीच पुनः स्थापित कर सम्मान दिया।

लुई ब्रेल ने तीन साल की आयु में एक और पांच वर्ष में दोनों आंखें खो दी। इसके बावजूद 43 वर्ष के अल्प जीवन में उन्होंने ब्रेल लिपि का आविष्कार किया। इससे आज दृष्टिबाधितों को सहूलियत मिल रही है। राज्य एवं केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों को शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में पांच एवं नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। खुली प्रतियोगिता परीक्षाओं में उम्र में दस वर्ष एवं सीमित परीक्षा में पांच वर्ष की छूट दी है। परीक्षा शुल्क एससी-एसटी के समतुल्य कर दिया गया है। परीक्षा में लिखने के लिए भी सुविधा दी गई है।

इस मौके पर बिहार नेत्रहीन परिषद के महासचिव विजय सिंह, निःशक्तता आयुक्त शिवाजी कुमार एवं राज कुमार ने भी अपने विचार रखे।  
 


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