पटना। रिवर्स ओसमोसिस (आरओ) प्रोसेस से मिनरल वाॅटर तैयार करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई का निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है। इस प्रोसस में ग्राउंड वाॅटर का काफी दुरुपयोग होता है। बिहार में इस कारोबार में छोटी-बड़ी कई कंपनियां जुड़ी हैं।
सीएम ने लगातार मिली रही शिकायत पर संबंधित विभागों को मिनरल वाॅटर कंपनियों की कड़ी जांच के आदेश दिये हैं। सीएम एक अणे मार्ग में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में लोगों के सुझावों को सुन रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में उपयोग के बाद पानी का प्रयोग सिंचाई के लिये किया जा सकता है। इसमें सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहायक होगा। जल-जीवन-हरियाली अभियान के 11 में से सात प्रयास जल संरक्षण से ही संबंधित हैं।
लोक संवाद कार्यक्रम में भागलपुर के दीपक कुमार झा ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण एवं पंचायती राज विभाग से संबंधित सुझाव दिए। भागलपुर के रविकांत घोष ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पटना के अलावा अन्य जिलों में इन्क्यूवेशन सेंटर स्थापित करने की बात रखी। इस सबंध में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को बिहार के अन्य बड़े शहरों में भी इन्क्यूवेशन सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया।
पटना के मनोज कुमार सिंह ने एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कुंदन कुमार सिन्हा ने कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के सुझाव दिये। सीएम ने सुझावों पर संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए कहा।
इन्होंने भी दिये सुझाव : पटना के जेएन लाल दास ने जाम से निजात, छपरा के सौरभ सुमन ने श्रमिकों को दुर्घटना के बाद मिलने वाले मुआवजे, मधुबनी के नीतीश रंजन ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, पटना के सुबोध कुमार ने सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा, कटिहार के इरशाद मंसूरी ने मद्य निषेध एवं निबंधन विभाग से संबंधित एवं भागलपुर के अजय कुमार सिंह ने आग लगने पर बचाव के लिए बगल के मकान में पहुंच की बातें रखीं।
लोक संवाद कार्यक्रम में मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव एवं नंद किशोर यादव समेत संबंधित विभागों के मंत्री एवं प्रधान सचिव मौजूद थे।