पटना। बहुराष्ट्रीय कंपनी कोका कोला (इंडिया) बिहार में लीची परियोजना के लिए 1.7 बिलियन डाॅलर का निवेश करेगी। कंपनी शाही एवं चाइना लीची के क्षेत्र में सहयोग करने जा रही है। कोका कोला कंपनी राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर एवं बिहार की संस्था देहात के साथ मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में काम करेगी।
बिहार के लीची उत्पादक जिलों मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं वैशाली में उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी किसानों को प्रशिक्षण, क्षमतावर्धन एवं वैल्यू चैन विकसित करने में सहयोग करेगी। इसका लाभ करीब 80 हजार लीची उत्पादक किसानों को मिलेगा। तीन हजार एकड़ क्षेत्र में लगे पुराने लीची बागों के जीर्णोंद्धार के साथ नई तकनीक से लीची के नये बाग लगाये जायेंगे। मुजफ्फरपुर में लीची का एक स्टेट ऑफ द आर्ट बाग लगेगा। यहां आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने उक्त जानकारी दी। वे होटल मौर्या में आयोजित उन्नत लीची कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह का संबोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन कोका कोला कंपनी एवं राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर ने किया था।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनके फसल उत्पादों के लिए बेहतर बाजार एवं अधिक मूल्य दिलाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य की खास फसल शाही लीची, जर्दालु आम, मगही पान, कतरनी धान एवं मखाना हैं। इन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय ख्याति के कारण इन्हें हाल ही में जीआई टैग मिला है।
इस अवसर पर कोका कोला (इंडिया) के वाइस प्रेसिडेंट इस्तियाक अमजद एवं असीम पारेख, केडिया फ्रेश ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के आरके केडिया, देहात संस्था के संस्थापक कुमार शशांक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के मुख्य वैज्ञानिक संजय कुमार समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।