पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में कहा कि बिजली मुफ्त नहीं बल्कि कम दर पर मिलनी चाहिए। बिहार सरकार कृषि कार्य के लिए मात्र 75 पैसे प्रति यूनिट पर बिजली दे रही है। मुफ्त में बिजली देनी की बात हमेशा होती है। यह उचित नहीं है। किसानों को मुफ्त में बिजली देने वाले पंजाब ने अपना क्या हश्र किया। यह सबको पता है।
दिल्ली सरकार ने चुनाव से पहले प्रति परिवार दो सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा किया है। इसका क्या असर होगा, आप सोच सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रही है। सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है। 218 सरकारी कार्यालयों में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना शुरू कर दी गई है। राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विधान सभा में अपना पक्ष रख रहे थे।
सीएम ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति 2016 में संशोधन किया जा रहा है। हमेशा जमीन देने की मांग उठती है। राज्य का क्षेत्रफल 94 हजार वर्ग किलोमीटर सीमित है जबकि आबादी लगभग 12 करोड़ हो गई है। ऐसी स्थिति में जमीन कहां से आयेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में संपूर्ण टीकाकरण होगा और बिहार टाॅप फाइव स्टेट में रहेेगा। स्कूलों में दिये जा रहे मिड डे मील में बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराया जायेगा। पोर्न साइट पर प्रतिबंध के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है। 9 अगस्त यानी बिहार पृथ्वी दिवस पर दो करोड़ 51 लाख पौधारोपण किया जायेगा।