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बिहार में कृषि आधारित उद्योग की काफी संभावनाएं, निवेश की अपील

पटना। कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने उद्योग जगत से कहा है कि बिहार में कृषि आधारित उद्योग एवं व्यापार की काफी संभावनाएं हैं। उद्योगपति कृषि आधारित उद्योग लगाएं। सरकार आपकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। कृषि मंत्री देश में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से जुड़े उद्योगपतियों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित कर रहे थे।  

उन्होंने कहा कि बिहार में मक्का आधारित उद्योग लगाये जा सकते हैं। आम, मखाना, शाही लीची एवं मगही पान भी अपनी गुणवत्ता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इनसे संबंधित उद्योग की काफी संभावनाएं हैं। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में राज्य में जारी लॉकडाउन के दौरान कृषि के समक्ष उत्पन्न चुनौती, पलायन से लौटे कामगार एवं बेरोजगारों को कृषि क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। 

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री ने राज्य के किसानों की चिंता की है। साथ ही सरकार के साथ मिलकर कोरोना महामारी में किसान हित में कार्य करने की इच्छा भी जतायी है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

कृषि क्षेत्र में उद्योग के साथ रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। वर्तमान परिस्थिति में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष योजना पर कृषि विभाग कार्य कर रहा है। ऐसे लोगों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर उन्हे कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलेगा।

बिहार में कृषि एवं पशु उत्पादों के व्यापार में सहयोग के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर समन्वय समिति का गठन किया गया है। इसके लिए राज्य स्तर पर कृषि विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। 

राज्यस्तरीय समन्वय समिति के गठन के बाद से चार मई तक निजी व्यवसायियों ने किसानों से 23,75,456 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। राज्य में किसानों से गेहूं की खरीद आईटीसी एवं अडानी समूह के साथ स्थानीय आटा उद्योग कर रहे हैं। सहकारिता विभाग भी पैक्सों के जरिये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद रहा है। 

काॅन्फ्रेंसिंग में पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट संजय अग्रवाल एवं प्रदीप मुलतानी, एग्री कमिटी के चेयरमैन एनके अग्रवाल, सेकेट्री जनरल सौरभ सान्याल, प्रिंसिपल डायरेक्टर डाॅ योेगेश श्रीवास्तव, उद्यान निदेशक नंद किशोर, बीएयू के निदेशक आरके सोहाने, बिहार के उद्योगपति एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 
 


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