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मखाना, शाही लीची व शहद उत्पादों की ब्रांडिंग का सीएम ने दिया निर्देश  

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के प्रमुख उत्पाद मखाना, शाही लीची एवं शहद को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मखाना का व्यापार बिहार से हो। इसकी योजना संबंधित विभाग बनाएं। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी। साथ ही केला, आम, मेंथा एवं खस तेल, कतरनी चावल एवं अन्य कृषि उत्पादों के क्लस्टर को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज पर संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने आर्थिक पैकेज का अधिक से अधिक लाभ किसान एवं श्रमिकों को देने का निर्देश दिया। बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव, वित्त, कृषि, उद्योग, पशु व मत्स्य संसाधन एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एवं सचिव मौजूद थे। 

सीएम ने मखाना का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने, प्रोसेसिंग, बाजार एवं ब्रांडिंग पर जोर दिया। साथ ही गंगा के किनारे बनाये गये जैविक खेती कोरिडोर में मेडिसिनल प्लांट के उत्पादन को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजगीर की पहाड़ियों पर काफी संख्या में मेडिसिनल प्लांट हैं। इनका भी उपयोग किया जा सकता है। शहद की प्रोसेसिंग यूनिट, मार्केटिंग एवं ब्रांड वैल्यू पर विशेष चर्चा हुई। शहद से संबंधित वैल्यू एडेड उत्पाद जैसे राॅयल जेली, बी वैक्स, पोलेन एवं वेनम को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया। 

सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफाॅर्म लागू करने जा रही है। बिहार में 2006 से ही एपीएमसी को समाप्त कर दिया गया है। केंद्र सरकार अब उस माॅडल को अपना रही है। यह अच्छी बात है। उन्होंने मनरेगा में अधिकतम मानव दिवस की सीमा 100 से 200 दिन करने एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के बीमा से संबंधित तिथि विस्तार के लिए केंद्र से अनुरोध करने का निर्देश दिया। 

बाहर से आ रहे श्रमिकों की स्किल मैपिंग के अनुसार रोजगार सृजन की व्यवस्था की जायेगी। इसके लिये राज्य में संचालित यूनिट में श्रमिकों को उनके स्किल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही नये उद्योगों को लगाने में भी सरकार मदद करेगी। इसके लिये वित्त, उद्योग, श्रम एवं अन्य संबंधित विभागों के सचिवों की एक राज्यस्तरीय टास्क फोर्स बनेगी, जो इस संबंध में सुझाव देगी। 
 


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