पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में कपड़ा, जूता, बैग, फर्नीचर एवं साइकिल से जुड़े उद्योगों की काफी संभावनाएं हैं। भागलपुर का सिल्क विश्व में प्रसिद्ध है। पहले यहां से सिल्क का निर्यात होता था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भागलपुर के इस उद्योग की क्षमता की पहचान कर आगे की कार्रवाई करें।
बिहार के कारोबारी भी करें विचार : सीएम ने कहा कि हम उपभोक्ता राज्य हैं। हमारे पास बहुत बड़ा बाजार है। बाजार की जरूरतों के अनुसार उद्योग लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करें। बिहार के कारोबारियों को भी नये उद्योग लगाने पर विचार करना चाहिए। सरकार इसके लिए हरसंभव मदद करेगी। उद्योग लगने से बाजार का और विकास होगा और लोगों की आय बढ़ेगी।
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये सीएम ने लगातार तीसरे दिन आठ जिलों के 16 क्वारंटाइन केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्था का जायजा लिया। भागलपुर, बांका, मुंगेर, कटिहार, जमुई, बक्सर, जहानाबाद एवं अरवल के डीएम ने क्वारंटाइन केंद्रों से पूरी जानकारी दी। इससे पहले 20 जिलों के 40 क्वारंटाइन केंद्रों पर मौजूद प्रवासी श्रमिकों से सीएम संवाद कर चुके हैं।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रवासियों के सर्वे का काम पूरा करें। वे कहां से आये हैं और क्या रोजगार करते थे ? उन्हें यहां कैसे रोजगार उपलब्ध कराया जाये ताकि उन्हें बाहर नहीं जाना पड़े।
निजी कंपनियों ने नहीं रखा ख्याल : प्रवासी श्रमिकों से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बाहर की निजी कंपनियों ने बिहारी श्रमिकों का ख्याल नहीं रखा, जबकि यह उनका दायित्व था। लोगों को बाहर काफी कष्ट हुआ है। हमारी इच्छा है कि सभी को यहीं रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि बिहार में बहुत काम है। यहीं रहिए और काम कीजिए। इससे बिहार का और विकास होगा।
बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, चंचल कुमार, एवं उदय सिंह कुमावत, सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार एवं ओएसडी गोपाल सिंह उपस्थित थे।