नई दिल्ली। केंद्रीय रेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि खुदरा व्यापारियों को ई-कॉमर्स की बाजीगरी से खतरा महसूस नहीं करना चाहिए। आम लोगों ने अब महसूस कर लिया है कि पड़ोस के किराना दुकानदार ही संकट की घड़ी में उनकी सहायता कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिये व्यापार संघ के प्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार खुदरा व्यापारियों के लिए बी टू बी को सुगम बनाने के लिए तंत्र एवं उनकी पहुंच को विस्तारित करने के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
लाॅकडाउन में बंद अधिकतर दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मॉल की दुकानों को खोलने का निर्णय भी शीघ्र लिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि कोवड-19 से लड़ने के लिए घोषित आत्मनिर्भर पैकेज में एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी उपलब्ध करायी गई है और यह व्यापारियों को भी कवर करती है। एमएसएमई सेक्टर की परिभाषा में किये गये परिवर्तन से भी उन्हें लाभ पहुंचेगा। मियादी एवं मुद्रा ऋण और अन्य मुद्दों से जुड़ी समस्याओं को वित्त मंत्रालय के समक्ष रखा जायेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न संकेतकों से प्रदर्शित होता है कि आर्थिक सुधार पटरी पर है। अप्रैल में निर्यात लगभग 60 प्रतिशत कम हो गया था। इसके बढ़ने के संकेत मिलने शुरू हो गये हैं। सेवा निर्यात पिछले महीने भी बढ़ा। निर्यात में गिरावट से अधिक आयात में पिछले महीने अधिक कमी हुई है। इससे व्यापार घाटा कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो महीने में सरकार ने व्यापारी एवं भारतीय विनिर्माताओं की कठिनाइयों को कम करने के लिए कई कदम उठाये हैं और भविष्य में भी उनकी सहायता की जायेगी। व्यापारियों से भारतीय वस्तुओं का उपयोग करने, उन्हें बढ़ावा देने और उनका समर्थन करने की अपील की। लॉकडाउन अवधि के दौरान राष्ट्र ने खुद को कोविड-19 महामारी से लड़ने एवं क्षमता निर्माण के लिए तैयार किया है। मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताना एवं पीपीई के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला है।