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शाही लीची ने किया निराश, अब जर्दालु आम का करें इंतजार 

पटना। कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय ने लाॅकडाउन के दौरान लोगों के लिए मुजफ्फरपुर की शाही लीची एवं भागलपुर के जर्दालु आम की होम डिलीवरी कराने का निर्णय लिया था। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सुविधा पटना, भागलपुर एवं मुजफ्फरपुर शहरी क्षेत्र के लिए शुरू की गई । 

शाही लीची की खरीद के लिए करीब 11 हजार किलोग्राम की ऑनलाइन बुकिंग हुई, लेकिन डिलीवरी मात्र छह हजार किलोग्राम की हो सकी। विभाग ने शाही लीची में कीड़ा मिलने की शिकायत पर इसकी डिलीवरी बंद कर दी। 

भागलपुर के जर्दालु आम के लिए भी लोगों ने बुकिंग की है। इसकी डिलीवरी 9-10 जून से शुरू करने की योजना है। अब देखना है कि बुकिंग कराये सभी लोग इसका स्वाद ले पायेंगे या नहीं। 

लाॅकडाउन में उपभोक्ताओं ने दोनों फलों का स्वाद लेने के लिए उद्यान निदेशालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग की थी। 15 दिन इंतजार के बाद लीची की डिलीवरी नहीं होने से उन्हें काफी निराशा मिली। लोगों ने कहा कि कृषि विभाग की योजना अच्छी थी। इससे किसानों को अच्छी कीमत मिलने के साथ लोगों को शाही लीची का स्वाद पाने का मौका मिलता। 

उद्यान निदेशालय के उप निदेशक देव नारायण महतो ने बताया कि कृषि विभाग की इस योजना को उपभोक्ताओं का काफी सहयोग मिला। शाही लीची की डिलीवरी 28 मई से पांच जून तक की गई। इसके बाद लीची में कीड़ा मिलने पर डिलीवरी बंद करनी पड़ी। 

उन्होंने कहा कि जर्दालु आम बुकिंग कराये सभी लोगों को मिल जायेगा। इसके लिए डाक विभाग के साथ कूरियर कंपनियों से भी बात हुई है। लीची के वितरण में हमें डाक विभाग का पूरा सहयोग नहीं मिला। विभाग ने सिर्फ वाहन की सुविधा उपलब्ध करायी। इस योजना से लीची उत्पादकों को फसल की दोगुनी कीमत मिली है। इस तरह का प्रयोग बिहार में पहली बार किया गया है। उपभोक्ताओं के सहयोग को देखते हुए मखाना एवं शहद को भी इसमें जोड़ने की योजना है। सभी उत्पादों के वितरण के लिए सुधा डेयरी से बात हो रही है।  


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