मुख्य समाचार

स्कूल फीस निर्धारण में भी सरकार के आदेश की अनदेखी  

पटना। राजधानी के चर्चित इंटरनेशनल स्कूल (अल्पना मार्केट, पाटलिपुत्र) ने कोरोना काल में टयूशन फीस में रियायत देना, तो दूर फीस निर्धारण में भी सरकार के आदेश की अनदेखी की है। स्कूल ने 2020-21 सत्र में गत वर्ष की तुलना में टयूशन फीस में 16.5 प्रतिशत की वृद्धि की है। 

बिहार प्राइवेट स्कूल फीस रेगुलेशन एक्ट 2019 के तहत स्कूल सभी प्रकार के शुल्क के लिए पिछले शैक्षणिक वर्ष से अधिकतम सात प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकते हैं। इसकी जानकारी उन्हें अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर भी देनी होती है। इंटरनेशनल स्कूल ने ऐसा नहीं किया है।

फीस निर्धारण में भी स्कूल प्रबंधन ने होशियारी दिखाई है। टयूशन फीस में मात्र 100 रुपये जबकि स्मार्ट क्लास फीस में 350 रुपये की वृद्धि की है। इस तरह नये सत्र में 450 रुपये की वृद्धि की गई। बढ़ी राशि 16.5 प्रतिशत है। वैसे अभिभावक जिन्होंने अपने बच्चे की मासिक फीस पिछले साल 2700 रुपये दी। उन्हें अब 3150 रुपये देना होगा।  

अभिभावकों की लगातार शिकायत के बावजूद स्कूल की ओर से अब तब कोई समाधान नहीं निकाला गया है। स्कूल की प्रिंसिपल एफ हसन के पटना में नहीं होने  का हवाला देकर स्कूल प्रभारी मामले को टाल रहे हैं। कहा जा रहा है कि अभी फीस जमा कर दीजिए। बाद में कोई निर्णय होने पर एडजस्ट कर दिया जायेगा।    

कोरोना काल में कई स्कूल अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए सिर्फ ट्यूशन फी हीे ले रहे हैं। जबकि इंटरनेशनल स्कूल ने इसमें भी कोई रियायत नहीं दी है। सर्वाधिक फीस वाले अप्रैल महीने में टयूशन फी के अलावा टर्म फी, स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, एनुअल फंक्शन एवं मैग्जिन की राशि भी जोड़ी गई है। 

पूरी फीस (अगस्त तक) जमा नहीं होने के कारण कई बच्चों को ऑनलाइन टेस्ट से भी वंचित कर दिया गया है जबकि जिला प्रशासन का आदेश है कि वर्तमान परिस्थिति में स्कूल प्रबंधन सिर्फ ट्यूशन फी ही ले।    

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। शिक्षकों को समय पर वेतन मिले। इसलिये हम ट्यूशन फी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन स्मार्ट क्लास फीस लेने का क्या औचित्य है।        

अभिभावकों ने डीएम एवं क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक कार्यालय में भी इसकी शिकायत की है। अब देखना है कि प्रशासन मामले को कितना गंभीरता से लेता है।  
 


संबंधित खबरें