पटना। प्लाज्मा डोनेशन के लिए आगे आने वालों को जिला प्रशासन कोरोना योद्धा का सम्मान देगा। डोनेट करने वालों को कोरोना योद्धा का प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह के साथ थैंक यू कार्ड एवं एक साल के अंदर उनके परिवार के लिए कभी भी ब्लड की आवश्यकता होने पर एक यूनिट ब्लड मिलेगा।
राज्य में सबसे पहले प्लाज्मा डोनेट करने वाले खाजपुरा (पटना) के दीपक कुमार सहित 18 डोनर को सम्मानित किया जायेगा। दीपक ने दो बार प्लाज्मा डोनेट किया है। अधिक से अधिक लोग ब्लड प्लाज्मा डोनेट कर सकें और कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बच सके। इसके लिए प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने विशेष पहल की है। ब्लड प्लाज्मा संग्रहण के लिए आयुक्त ने गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक की।
बैठक में पटना, नालंदा, रोहतास, कैमूर, बक्सर एवं भोजपुर के डीएम, एम्स डायरेक्टर, ब्लड बैंक की नोडल ऑफिसर नेहा सिंह, डॉक्टर वीणा एवं डॉक्टर संजीव मौजूद थे। सभी डीएम ने इस कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया। जिलों में स्पेशल प्लाज्मा डोनर कोषांग का गठन किया जायेगा।

एम्स के चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना से स्वस्थ होने वाले चार हफ्ते के बाद अपना प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इससे किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है और कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।
आयुक्त ने कहा कि पटना प्रमंडल में 17 जुलाई से प्लाज्मा डोनेशन ऑपरेशन शुरू होगा। अगले पांच दिनों के लिए 20 ब्लड प्लाज्मा डोनर उपलब्ध हो गये हैं। हर जिलों से रोस्टर के अनुसार डोनर को पटना एम्स भेजा जायेगा।
पटना एम्स में वर्तमान में प्रतिदिन अधिकतम चार लोगों के प्लाज्मा संग्रहण की क्षमता है। डोनर की संख्या बढ़ने पर कलेक्शन की सुविधा भी बढ़ाई जाएगी। अधिक से अधिक लोग डोनेट कर सकें। इसके लिए जिलों में काउंसेलिंग की व्यवस्था की जा रही है।