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थर्ड पार्टी को डेटा बेचकर कंपनियां करतीं हैं कमाई : एडीजी

पटना। आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी जीएस गंगवार ने बताया कि इंटरनेट पर डेटा ट्रांसफर की दर काफी अधिक है। वर्तमान में लगभग डेढ़ लाख जीबी प्रति सेकेंड की दर से डेटा का ट्रांसफर होता है। इन डेटा की वाॅशिंग और प्रोसेसिंग की जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आखिर इस डेटा का उपयोग कहां और कैसे होता है। एडीजी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम : चाइनीज एप्प पर प्रतिबंध विषय पर वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। आयोजन पीआईबी ने किया था। 

उन्होंने डेटा को आज का ईंधन बताया, जिसे कंपनियां थर्ड पार्टी को बेचकर कमाई करती हैं। एप्स ऐसी जानकारियां और परमिशन मांगते हैं, जिनकी कोई जरूरत नहीं है। इन सबसे बचने के लिए टैलेंट टैपिंग इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल डाटा पर नियंत्रण तभी संभव होगा, जब इस तरह के सारे ऐप्स हमारे अपने हो। साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में बाहरी कंपनियों का समय पर पूरा सहयोग नहीं मिलता है। 

जीएस गंगवार ने कहा कि भारत सरकार ने 29 जून, 2020 को 59 चीनी एप्स पर आईटी एक्ट की धारा 69 के तहत पाबंदी लगायी है। ऐसे एप्स जब दूसरे देशों में लोकप्रिय कराये जाते हैं, तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता है। एप्स से हमारी एकता, अखंडता, संप्रभुता, सुरक्षा, लोक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया जा सकता है। प्रतिबंधित चायनीज टिक टॉक एप्स पचास प्रतिशत अधिक सूचनाएं अन्य एप्स की तुलना में मांगता है। 

पीआईबी, पटना के अपर महानिदेशक शैलेश कुमार मालवीय ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि चीनी एप्स पर पाबंदी लगाने की जरूरत क्यों महसूस हुई। ये हमारी राष्ट्रीय एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। चीनी एप्स पर पाबंदी के बाद हमें आत्मनिर्भरता के तहत अपने लिए स्वदेशी एप्स बनाने की दिशा में अग्रसर होना होगा। 

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट),पटना के इनचार्ज आलोक त्रिपाठी ने कहा कि हम तेजी से डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहे हैं। यह हमारे जीवन के हर पहलू को छू रहा है। चायनिज एप्प कंपनियां हमारे लोगों की डेटा चोरी कर रही थीं। कलपक्कम न्यूक्लियर पावर प्लांट पर साइबर हमले की खबर यह बताने के लिए काफी है कि इन्फाॅर्मेशन वारफेयर में यह हमारे देश के लिए किस तरह गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के लिए आईटी कंपनियों को प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर काम करना होगा। 

वेबिनार को वरिष्ठ पत्रकार ओंकारेश्वर पांडेय, भवन निर्माण विभाग के विशेष सचिव, बीएसएनएल के पूर्व जीएम मनीष कुमार, साइबर गुरु राहुल कृष्ण, पीआईबी के निदेशक दिनेश कुमार एवं सहायक निदेशक संजय कुमार ने भी संबोधित किया।
 


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