पटना। कोरोना मरीजों के लिए प्लाज्मा दान करने वालों को दधीचि देहदान समिति एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। राज्य सरकार की ओर से भी प्रोत्साहन राशि की शीघ्र घोषणा की जायेगी। डिप्टी सीएम सह समिति के संरक्षक सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पटना एम्स के साथ अब जयप्रभा, पारस अस्पताल, महावीर कैंसर संस्थान एवं भागलपुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल को भी प्लाज्मा बैंक खोलने की अनुमति दी गई है। विश्व अंगदान दिवस पर आयोजित वर्चुअल आयोजन में प्रदेश के एक हजार से अधिक समिति के सदस्यों को डिप्टी सीएम संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो लोग कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। अगर वे कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान करने को इच्छुक हैं, तो दधीचि देहदान समिति ऐसे लोगों से संपर्क कर उनकी सूची बनायेगी।
कोरोना से डरने नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना संक्रमितों में से मात्र तीन प्रतिशत को ऑक्सीजन, दो प्रतिशत को आईसीयू एवं एक प्रतिशत से भी कम को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। बिहार में कोरोना से मृत्युदर एक प्रतिशत से भी कम है। 85 प्रतिशत से अधिक संक्रमित पांच से सात दिनों के अंदर संक्रमणमुक्त हो रहे हैं।
राज्य सरकार ने 8.82 करोड़ की लागत से राज्य के आठ मेडिकल काॅलेजों में आई बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया है। आई बैंक आईजीआईएमएस एवं पीएमसीएच पटना, भागलपुर और गया में स्थापित हो चुका है। बाकी चार जगहों पर भी शीघ्र कार्यरत हो जायेगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, समिति के महासचिव विमल जैन एवं विधायक संजीव चौरसिया भी उपस्थित थे। एम्स पटना में कोरोना के नोडल चिकित्सक डाॅ संजीव, प्लाज्मा बैंक की प्रमुख डाॅ नेहा एवं आईजीआईएमएस के डाॅ विभूति ने भी अपने विचारों को व्यक्त किया।