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कुपोषण दूर करने में बायो फोर्टिफाइड फसल की खेती होगी मददगार 

पटना। बिहार में खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की मात्रा एवं फोर्टिफिकेशन के कार्यक्रम वृहत पैमाने पर चलाने की जरूरत है। इससे बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण की कमी से बचाने में मदद मिलेगी। मुजफ्फरपुर और गया जिले में हाल में बच्चों की मौत में कुपोषण एक महत्वपूर्ण कारक है। 

पोषण सुरक्षा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा एवं सूक्ष्म पोषक तत्व की उपलब्धता होनी चाहिए। इसकी आपूर्ति अलग-अलग तरह के अनाज, दाल, तेल, दूध, अंडा, सब्जी और फलों से होती है। इसलिए इनकी उपलब्धता और वहन करने की परिस्थितियां बननी चाहिए। उक्त बातें कृषि मंत्री डाॅ प्रेम कुमार ने कहीं। वह पोषण सुरक्षा के लिए भविष्य की खेती विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। आयोजन रूरल डेवलपमेंट काउंसिल एवं बामेती ने किया था। 

कृषि मंत्री ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार विश्व स्तर पर लगभग 700 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं के आटे की खपत है। इसलिए गेहूं के आटे में फोर्टिफिकेशन कर आपूर्ति करना आसान है। विश्व के विकसित देशों में सूक्ष्म पोषक तत्वों के माध्यम से आटा में फोर्टिफिकेशन का कार्यक्रम लंबे समय से चल रहा है। 

बिहार में लगभग 22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती और उत्पादन लगभग 61 लाख मीट्रिक टन होता है। कृषि विश्वविद्यालय, राजकीय संस्थान एवं हार्वेस्ट प्लस संस्थान के माध्यम से गेहूं में फोर्टिफिकेशन के कार्यक्रम क्रियान्वित किये जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा ने बायो फोर्टिफाइड गेहूं का प्रभेद राजेंद्र गेहूं 3 विकसित कर लिया है। राज्य सरकार ने इसे जारी भी कर दिया गया है। यह राज्य की पहली फोर्टिफाइड गेहूं की किस्म है। इसमें जिंक की मात्रा 38 प्रतिशत है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर कई कृषि विज्ञान केंद्रों में इसका ट्रायल करा रहा है। 

रूरल डेवलपमेंट काउंसिल हार्वेस्ट प्लस और महिंद्रा के सहयोग से पटना जिला के कुकरीबिगहा गांव को न्यूट्रिशनल विलेज के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह देश का पहला न्यूट्रिशनल विलेज होगा। यहां शत-प्रतिशत बायो फोर्टिफाइड फसलों की खेती जैविक तरीके से होगी। 

कार्यक्रम में पूसा एवं सबौर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, बामेती के निदेशक डाॅ जीतेंद्र प्रसाद, पारादीप फाॅस्फेट लि. के रिजनल हेड राघवेंद्र नारायण, सनमुख एग्रीटेक के जोनल हेड भावनंदा साहू, कोरटेक एग्री एंड बायो साॅल्युशन के एमडी इंद्रजीत सिंह, हार्वेस्ट प्लस के कंट्री हेड बिनू चेरियन, सीड्वर्क्स इंटरनेशनल के निदेशक बलजिंदर सिंह, सीज टेकनोलाॅजी के एजीएम पंकज झा, पीडब्ल्यूसी के गुणानंद शुक्ला एवं रूरल डेवलपमेंट काउंसिल के एरिया मैनेजर अविनाश कुमार एवं संदीप उपस्थित थे।


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