पटना। अयोध्या में एक साल तक प्रतिदिन अखंड दीप एवं पांच बार आरती के लिए महावीर मंदिर न्यास ने 75 टीन शुद्ध घी (1125 किलो) राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र को सौंपा। एक दिन के अखंड दीप में करीब एक किलो घी लगता है। अनंत चतुर्दशी पर महावीर मंदिर की ओर से गाय का शुद्ध घी आचार्य किशोर कुणाल ने रामजन्म भूमि तीर्थ के सचिव चंपत राय को सौंपा।
राम जन्मभूमि पर राम लल्लाजी के अस्थायी मंदिर में हाल में अखंड दीप शुरू हुआ है। यहां साधारण घी जलता था। महावीर मंदिर न्यास ने राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के सचिव चंपत राय एवं राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास को यह सुझाव दिया था कि अखंड दीप में गाय के शुद्ध घी का उपयोग करना चाहिए। यदि अनुमति मिलती है, तो महावीर मंदिर गाय के शुद्ध घी का प्रबंध अखंड दीप के लिए करेगा।
महावीर मंदिर का नैवेद्यम गाय के शुद्ध घी में बनता है। यह कर्णाटक मिल्क फेडरेशन के नंदिनी घी के रूप में बेंगलुरु से आता है। अब नंदिनी शुद्ध घी से ही राम मंदिर में अखंड दीप जलेगा और पांचों बार आरती होगी।
महावीर मंदिर न्यास के भेजे गये गोविंद भोग चावल से ही राम ललाजी का भोग लगता है। महावीर मंदिर न्यास ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन ही 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। भूमि पूजन पर महावीर मंदिर ने अयोध्या में सवा लाख लड्डू बनवाये। इसका वितरण अयोध्या, बिहार और देश के कई हिस्सों में किया गया।
इन कार्यों के कारण पटना का महावीर मंदिर राम जन्मभूमि मंदर के साथ जुड़ गया है और अब देश के हर भाग में इसकी ख्याति फैल रही है। अयोध्या में भक्तों के लिए निःशुल्क राम रसोई के कारण भी इसकी प्रतिष्ठा बढ़ी है।