पटना। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने गत दिनों कुछ जमीनों का आवंटन रद्द किया है। बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने रद्द जमीनों को फिर से आवंटित करने का अनुरोध किया है। चैंबर ने इसके लिए एक कमिटी के गठन का भी सुझाव दिया है। कमिटी रद्द जमीनों की परिस्थितियों का आकलन कर अपना सुझाव दे सकेगी। चैंबर ने इस सबंध में डिप्टी सीएम, उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव एवं सचिव और बियाडा के एमडी को पत्र लिख समस्या के निदान की अपील की है।
चैंबर अध्यक्ष पी.के.अग्रवाल ने कहा कि बियाडा का गठन औद्योगिक क्षेत्रों के नियोजित विकास और उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। हाल के दिनों में बियाडा की कार्यरत इकाईयों के आवंटन रद्द करने की कार्रवाई से जो संदेश गया है। वह संतोषप्रद नहीं है। कार्यरत इकाइयों की परिस्थितियों को अच्छी तरह समझे बिना इकाईयों का आवंटन रद्द करना एक कठोर निर्णय है। इस प्रकार के निर्णय से राज्य के उद्यमी हतोत्साहित होते हैं ।
बियाडा प्रत्येक आवंटियों की पृष्ठभूमि की संपुष्टि और उनके परियोजना से संतुष्ट होने के बाद ही भूमि का आवंटन 90 वर्षों के लिए करता है। अधिकतर आवंटियों ने अपने नाम पर लीज निष्पादित कराया है और आवंटन के सभी नियमों का अनुपालन किया है। इसके बावजूद भूखंडों का आवंटन रद्द करना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है।
व्यवसाय में उतार-चढ़ाव आता रहता है। उद्यमी कोरोना काल में स्वयं अपनी समस्याओं से जूझ रहे हैं। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र एवं राज्य सरकार ने उद्योगों की ओर अपना हाथ बढ़ाया है ताकि उनका मनोबल बढ़ सके। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने भी बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 में आवश्यक संशोधन किया है। इससे राज्य के उद्योगों को बढ़ावा और बाहर से लौटे श्रमिकों को राज्य में रोजगार मिलने में सहूलियत होगी।