पटना । ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बिहार को 26वां स्थान मिला है। केंद्र सरकार ने स्टेट बिजनेस रिफाॅर्म एक्शन प्लान 2018-19 की रैंक 5 सितंबर को जारी की है। इससे पहले 2017-18 में बिहार का स्थान 18वां था। झारखंड को 5वां स्थान मिला है। उत्तर प्रदेश बड़ी छलांग लगाते हुए 12वीं से दूसरे स्थान पर आ गया है। आंध्रपदेश पहले स्थान पर बरकरार है जबकि तेलंगाना दूसरे से तीसरे स्थान पर आ गया है।
बिहार के 26वें स्थान पर रहने पर उद्योग एवं व्यावसायिक संगठनों ने अपनी चिंता जाहिर की है। बीआईए के अध्यक्ष राम लाल खेतान ने बताया कि रैंकिंग में बिहार को पीछे रखने वाले महत्वपूर्ण कारकों में सिंगल विंडो सिस्टम का इफेक्टिव रूप में काम नहीं करना है। हालांकि सिंगल विंडो सिस्टम राज्य में है, लेकिन कारोबारियों को मदद नहीं मिलती है। निवेशकों को अपने स्तर से अलग-अलग जगह स्वयं फाॅलोअप कर काम को आगे बढ़वाना पड़ता है।
इस बार रैंकिंग का निर्धारण पूरी तरह यूजर्स की फीडबैक पर आधारित है। इनमें सूचना पाना कितना सुलभ है, कारोबार करने के लिए परमिट कितनी जल्दी मिल पाता है, जमीन की उपलब्धता कैसी है, सिंगल विंडो सिस्टम कितने कारगर तरीके से कार्य कर रहा है एवं पर्यावरण रजिस्ट्रेशन में कितनी आसानी है।
इस तरह के करीब 180 मानक एवं 35 हजार से अधिक फीडबेक के आधार पर रैंकिंग तैयार की गई है। हाल में सरकार ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति में संशोधन करते हुए इसे अधिक व्यावहारिक एवं आकर्षक बनाया है। उम्मीद है कि इसका लाभ राज्य में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने में मिलेगा।