पटना । निर्वाचन आयोग कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव सुरक्षित, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चुनाव के दौरान सामाजिक दूरी एवं अन्य उपायों से संबंधित आयोग की गाइडलाइन मतदाताओं तक पहुंचाएं।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में आयोग की टीम ने 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक पटना और गया में चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। टीम में निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा एवं राजीव कुमार भी थे। पटना में प्रेस काॅन्फ्रेंस के बाद टीम देर शाम दिल्ली लौट गई।
टीम ने राजनीतिक दल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी, संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, इनफोर्समेंट एजेंसी, डीएम एवं एसपी के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान आयोग ने तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।
चुनाव से जुड़ी मशीनरियों को चुनाव प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी, सर्तकता एवं राजनीतिक दलों की समस्याओं पर विशेष ध्यान का निर्देश दिया गया। आयोग ने कहा कि राज्य में बेहतर लाॅ-ऑर्डर के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बल भेजी जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष निगरानी के लिए सामान्य, व्यय, पुलिस एवं माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। 28 जिलों में 91 व्यय संवदेनशील निर्वाचन क्षेत्र की पहचान की गई है। मतदाताओं को लुभाने के लिए पैसे, मादक पदार्थ एवं उपहार वितरण के दुरुपयोग को रोकने के लिए आयकर, मद्य निषेध एवं वाणिज्य कर विभाग के नोडल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
पोस्टल बैलेट की व्यवस्था : मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए आयोग ने पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया गया कि इसकी जानकारी ऐसे मतदाताओं तक पहुंचाएं। बीएलओ इन मतदाताओं के घर से आवेदन लेकर रिटर्निंग ऑफिसर तक पहुँचाएंगे। साथ ही 15 अनिवार्य सेवाओं के लिए भी पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आयोग ने सोशल या डिजिटल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों पर सख्ती से निपटने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाल में सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म का दुरुपयोग एक नई समस्या बन गई है।