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52,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने  डाक मतपत्र सुविधा को चुना

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 52,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक आयु) ने डाक मतपत्रों से मतदान सुविधा का विकल्प चुना है। इनमें दिव्यांग मतदाता भी शामिल हैं। इन मतदाताओं को रिटर्निंग ऑफिसर पर्याप्त सुरक्षा और वीडियोग्राफी व्यवस्था के साथ डाक मतपत्र उपलब्ध कराएंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी। 

डाक मतपत्रों से मतदान सुविधा की व्यवस्था पहली बार की गई है। विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 71 सीटों के लिए मतदान 28 अक्टूबर को है। 71 विधानसभा क्षेत्रों के बूथ स्तर के अधिकारी चार लाख से अधिक वरिष्ठ एवं दिव्यांग मतदाताओं से संपर्क कर चुके हैं। शेष मतदाताओं ने मतदान के दिन बूथ पर जाने की इच्छा व्यक्त की है। पहले चरण के मतदान के बाद बीएलओ अगले दो चरणों में बिहार के लगभग 12 लाख मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे।

निर्वाचन आयोग की 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बिहार यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र प्रावधान पर चर्चा हुई थी। इस संबंध में आयोग ने तीन अक्टूबर को निर्देश जारी किया था। 

निर्देश में कहा गया है कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) संबंधित निर्वाचकों के घरों का दौरा कर फॉर्म 12 डी वितरित करेंगे। फाॅर्म में मतदाता डाक मतपत्र का विकल्प चुन सकते हैं या नकार सकते हैं। डाक मतपत्र का चयन करने पर बीएलओ अधिसूचना के पांच दिनों के अंदर निर्वाचक के घर से भरे हुए फॉर्म 12 डी को एकत्र कर रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा करेंगे।

 


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