पटना। युवाओं को अपना उद्यम या व्यवसाय लगाने में राज्य सरकार मदद करेगी। नया व्यवसाय लगाने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। साथ ही अधिकतम पांच लाख का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा। सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्र में 20 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। योजनाएं आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) के तहत हैं।
इसी तरह महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लायी जाएगी। उन्हें परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान एवं अधिकतम पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।
स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता पर विशेष बल देने के लिए स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन किया जाएगा। इसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) एवं पाॅलीटेक्निक को समाहित किया जाएगा।
उद्यमिता को पाठयक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा जिससे राज्य में उद्यमिता संस्कृति का और विकास हो सके। युवाओं को अपना व्यवसाय अथवा उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे स्वयं उद्यमी बने एवं दूसरों को भी रोजगार दे सकें। केंद्र सरकार की योजना के तहत तकनीकी शिक्षा हिंदी में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उद्यमिता के विकास के लिए उच्च स्तर के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है।