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अन्नपूर्णा की रसोई अभियान शुरू करेगा मारवाड़ी समाज  

पटना। अभी देश से न तो कोरोना खत्म हुआ है और न कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई हो पाई है। जिन लोगों का रोजगार इस दौरान छूट गया है उनकी पीड़ा को बयान करना मुश्किल है। समाज के सक्षम लोगों को भी उनका दर्द महसूस करना होगा और उसके लिए जरूरी उपाय करने होंगे।

उपरोक्त बातें बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष महेश जालान ने कहीं। उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना से जिनकी नौकरी चली गई है वैसे लोगों को हर शनिवार बना हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए फिलहाल पटना सहित पूरे प्रदेश के 36 स्थानों पर इसकी व्यवस्था की जा रही है। 

इन जगहों पर होगी व्यवस्था : आलम नगर, बखरी बाजार, बाराचकिया, बेगूसराय, बिहारीगंज, बक्सर, बिथान, बेतिया, छपरा, चनपटिया, चौसा, दरभंगा, डेहरी ऑन सोन, गया, गणपतगंज, फारबिसगंज, हसनपुर, जदिया, खगड़िया, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पुपरी, पूर्णिया, रक्सौल, रोसड़ा, सिंघेश्वर, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर और त्रिवेणीगंज शामिल हैं ।

प्रादेशिक सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष राजेश बजाज और कार्यक्रम संयोजक राजेश सिकारिया ने बताया कि अगले चरण में हमारी योजना अन्नपूर्णा की रसोई बिहार के 100 स्थानों पर शुरू करने की है। इस दौरान प्रति सप्ताह 25 से 30 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। 

सम्मेलन के मीडिया प्रभारी एम.पी. जैन और कार्यक्रम के सह संयोजक गोपाल मोदी ने कहा कि अन्नपूर्णा की रसोई अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन का राष्ट्रव्यापी अभियान है। यह तीन माह पहले कोलकाता में शुरू हुआ था और अब प्रदेश स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
 


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