पटना। कृषि व्यवसाय क्षेत्र के अंतर्गत निवेशकों ने लीची, चारा, चाय, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, आलू चिप्स एवं मखाना प्रसंस्करण यूनिट लगाने की इच्छा व्यक्त की है। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कृषि विभाग के सचिव डाॅ एन. सरवण कुमार ने निवेशकों से उनकी रूचि एवं कठिनाईयों पर चर्चा की। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र में रूचि रखने वालों की सहायता के लिए उद्यान निदेशालय तैयार है।
इसके लिए राज्य सरकार ने पूंजीगत अनुदान का प्रावधान किया है। सचिव ने बताया कि स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एसआईपीबी) अनुमोदन प्रक्रिया, डीपीआर तैयार करने, क्रेडिट लिंकेज, क्षमता निर्माण में निवेशकों की सहायता के लिए उद्यान निदेशालय ने एक तकनीकी सहायता समूह का गठन किया है। जिला स्तर पर उद्यान सहायक निदेशक को इस नीति के लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति (बीएआईपीपी) 2020 अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पद्धति तैयार की गयी है। इसे शीघ्र शुरू किया जाएगा। बीएआईपीपी के तहत उद्यान निदेशालय ने निवेशकों के लिए माॅडल डीपीआर तैयार किया है। कृषि विभाग ने निवेशकों से कहा है कि वे इस क्षेत्र में करें। राज्य सरकार इस नीति को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
राज्य सरकार ने हाल ही में कृषि व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति 2020 की शुरूआत की है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निवेशकों को प्रसंस्करण, भंडारण, अपशिष्ट में कमी, मूल्य संवर्धन और निर्यात प्रोत्साहन स्तर को बढ़ाने के लिए एक उचित माहौल का निर्माण करना है।
नीति के अंतर्गत किसानों को दोगुनी आय और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना मुख्य लक्ष्य है। कृषि निवेशकों को इस नीति के तहत सात केंद्रित क्षेत्रों में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।