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आम बजट में बिहार के लिए कोई विशेष प्रस्ताव नहीं, उद्यमियों में निराशा 

पटना। बिहार के लिए आम बजट में कोई विशेष प्रस्ताव नही होने पर बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने निराशा व्यक्त की है। हालांकि राष्ट्रीय परिपेक्ष में बजट की सराहना करते हुए कहा है कि बजटीय घोषणाओं से किसान, छोटे एवं मध्यमवर्गीय लोगों को लाभ होगा। सरकार ने स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रकचर एवं रिफॉर्म पर फोकस डालते हुए अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने का प्रयास किया है। 

चैंबर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री को बिहार के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए लिए कई सुझावों को भेजा गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि राज्य के लोगों के निवेश की सीमा सीमित है। जब-तक राज्य में स्टील, एल्युमिनियम एवं पेट्रोकेमिकल जैसे बड़े उद्योग नहीं लगेंगे, तब-तक राज्य का विकास संभव नहीं होगा। 

ऐसी परिस्थिति में यह आवश्यक था कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य को विशेष सुविधा दी जाए। राज्य में बड़े उद्योग लगने से साथ में सहयोगी इकाइयां भी कार्य करेंगी। इससे राज्य का आर्थिक विकास होने के साथ रोजगार का सृजन होगा ।    

यह भी मांग की गयी थी कि उत्तर बिहार में तीव्र औद्योगीकिकरण के लिए इसे गैस पाइप लाइन से जोड़ा जाए। विनिर्माण क्षेत्र में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए पांच साल का टैक्स होलीडे मिले। 

बिहार एवं झारखंड के आयकरदाताओं से संबंधित विवादों के लिए इनकम टैक्स सेटलमेंट कमीशन एवं कंपनी से संबंधित विवादों के निष्पादन के लिए एनसीएलटी की एक बेंच पटना में स्थापित करने का भी सुझाव दिया गया था। 

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मांग की गई थी कि राज्य में पांच सितारा होटल की स्थापना के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों में कम से कम पांच साल के लिए टैक्स होलीडे दिया जाए। 
 


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