पटना। दो दिवसीय प्राणिक हीलिंग कैंप का उद्घाटन उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल ने किया। कैंप का आयोजन बिहार उद्योग संघ (बीआईए) ने अपने परिसर में योग विद्या हीलिंग फाउंडेशन ट्रस्ट, झारखंड के सहयोग से किया है। ट्रस्ट के विशेषज्ञ नीरज जैन एवं अरिहंत जैन ने लोगों का मार्गदर्शन एवं इलाज किया। सात जनवरी को कैंप सुबह 10.30 बजे से संध्या 5 बजे तक है।
उद्योग विभाग के सचिव ने कहा कि आज के परिपेक्ष्य में प्राणिक हीलिंग चिकित्सा पद्धति उपयोगी है। लोगों में तनाव की वजह से कई बीमारियां हो रही हैं। दवा लेने से दूसरी बीमारियां हो जा रही हैं। ऐसी स्थिति में उपचार की इस पद्धति को अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बीमारियों की मुख्य वजह शरीर के अंदर व्याप्त ऊर्जा और बाहरी ऊर्जा के बीच तालमेल नहीं होना है। प्राकृतिक ऊर्जा को हम अपने शरीर के ऊर्जा से समन्वय स्थापित कर स्वस्थ एवं चिंतामुक्त रख सकते हैं। इसके लिए कई पद्धतियां हैं। इनमें प्राणिक हीलिंग भी एक है।
योग विद्या हीलिंग के नीरज जैन ने बताया कि यह पद्धति मुख्यतः योग विद्या के प्राणायाम पर आधारित है। इसके माध्यम से किसी व्यक्ति विशेष के आस-पास फैली ऊर्जा का शरीर के अंदर उसका सकारात्मक उपयोग कर मानसिक एवं शारीरिक रोगों का उपचार किया जाता है। बिहार में इस पद्धति के माध्यम से उपचार के लिए पहला केंद्र पटना के पाटलिपुत्र काॅलोनी में स्थापित किया गया है।
बीआईए अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि कोरोना काल में कई लोग मानसिक तनाव एवं अन्य बीमारी से ग्रसित हुए हैं। ऐसी परिस्थिति में प्राकृतिक उपचार के माध्यम से इलाज के लिए उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। महासचिव आशीष रोहतगी एवं बीआईए यंग सेल की रोशनी सिंह ने भी अपने विचारों को रखा।एसोसिएशन के सदस्य एवं अन्य लोग भी इलाज के लिए आये थे।