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सूबे में बंद रहीं सरकारी बैंकों की छह हजार शाखाएं, निजीकरण प्रस्ताव का विरोध

पटना। सरकारी बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव के विरोध में राज्य के बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। बिहार में सरकारी बैंकों की लगभग छह हजार शाखाएं बंद रहीं। इनमें ग्रामीण बैंक की शाखाएं भी शामिल हैं। करीब 50 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंककर्मियों ने अपनी शाखाओं के सामने केंद्र सरकार की नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर इंश्योरेंस कंपनी एवं निजी बैंकों ने भी हड़ताल का समर्थन किया।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन (एआईबीओए) ने भी हड़ताल में शामिल होकर बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव का विरोध किया है। एआईबीओए बिहार स्टेट कमिटी के महासचिव सह उपाध्यक्ष डाॅ कुमार अरविंद ने कहा कि बैंकों के निजीकरण की घोषणा वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में की है। अगर निजीकरण प्रस्ताव का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो अनिश्चित हड़ताल की घोषणा की जाएगी।       
 


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