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पंचायतों में पांच हजार कंप्यूटर प्रशिक्षित नियुक्त किए जाएंगे : मंत्री

पटना। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए सरकार संकल्पित है। आईटी की मदद से विकास को गति दी जा सकती है। सरकार की योजना पांच हजार कंप्यूटर प्रशिक्षित लोगों को पंचायत के माध्यम से नियुक्त करने की है। इसका उद्देश्य ग्रामसभा की बैठक और सभी डाटा को कंप्यूटराइज करना है। 

पंचायती राज मंत्री बिहार उद्योग संघ (बीआईए) की ओर से आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बीआईए के कौशल विकास केंद्र से प्रशिक्षित 34 लोगों को प्रमाणपत्र दिया। 

उन्होंने कहा कि गांवों में आवश्यक एवं अन्य सुविधा उपलब्ध करा कर पलायन को रोका जा सकता है। गांव की सड़कों पर शहर जैसी रौशनी के लिए सरकार 15 लाख एलईडी बल्ब खरीदने जा रही है। एलईडी बल्ब सौर ऊर्जा आधारित एवं रिमोट माॅनिटरिंग सिस्टम से लैस होगा। इसमें बल्ब के जलने की अवधि का पूरा ब्योरा रहेगा। 

पंचायती राज मंत्री ने बताया कि हर पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण एवं सुरक्षा के लिए हर पंचायत में सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्यक्रम निर्धारित है। स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम पर भी सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके लिए आठ हजार पंचायतों में सफाई कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना है। जिन गांवों में तालाब या नहर उपलब्ध हैं। वहां घाटों का निर्माण किया जाएगा। 

बीआईए के अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि यदि बिहार का विकास करना है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। राज्य की अधिकतर आबादी गांवों में निवास करती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए स्थानीय कच्चा माल आधारित घरेलू एवं सूक्ष्म उद्योग की स्थापना एवं संचालन करना होगा। 

ग्रामीण परिवेश में रहने वाले नौजवानों को उद्योग स्थापना एवं संचालन में बीआईए सहयोग कर सकता है। इसके लिए उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा सकता है। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद के ग्रामीण विकास के चिंतन को पूरा करने की सलाह दी। एसोसिएशन के महासचिव आशीष रोहतगी ने भी अपने विचारों को रखा। 
 


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