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गुरु तेगबहादुर के संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील

पटना/नई दिल्ली। सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर के 400वें प्रकाशोत्सव आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चस्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु तेगबहादुर का 400वां प्रकाशोत्सव हमारा सौभाग्य और राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने गुरु तेगबहादुर के संदेशों को साझा करते हुए कहा कि हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन शिक्षाओं को युवा पीढ़ी समझे और दुनिया में डिजिटल माध्यम से उनके संदेश का आसानी से प्रसार किया जा सकता है।

गुरु तेगबहादुर ने कहा है सुखु दुखु दोनो सम करि जानै अउरु मानु अपमाना अर्थात सुख-दुःख, मान-अपमान इन सबमें एक जैसा रहते हुए हमें अपना जीवन जीना चाहिए। उन्होंने जीवन के उद्देश्य, राष्ट्र और जीव सेवा का मार्ग भी दिखाया है। समानता, समरसता और त्याग का मंत्र भी हमें दिया है। इन्हीं मंत्रों को खुद जीना और जन-जन तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिख गुरु परंपरा संपूर्ण जीवन का दर्शन है। यह सरकार का सौभाग्य है कि उसे सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का 550वां प्रकाश पर्व, गुरु तेगबहादुर का 400वां प्रकाशोत्सव और सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाश पर्व मनाने का अवसर मिला।

गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाशोत्सव मनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए पूरे साल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का आयोजन इस प्रकार होना चाहिए किं न केवल गुरु तेगबहादुर के जीवन और शिक्षाओं को शामिल किया जाए, बल्कि दुनियाभर में फैली समूची गुरु परंपरा को भी शामिल किया जाए। उन्होंने दुनिया भर में सिख समुदाय और गुरुद्वारों की समाज सेवा की सराहना की। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि गुरु तेगबहादुर का संदेश सभी तक पहुंचे। 

बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे, बिहार, हरियाणा, पंजाब एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी अमृतसर की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर, सांसद सुखबीर सिंह बादल, सुखदेव सिंह ढींढसा, पूर्व सांसद तरलोचन सिंह, अमूल के प्रबंध निदेशक आर.एस. सोढ़ी और अमरजीत सिंह ग्रेवालभी उपस्थित थे।
 


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