पटना। कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन की स्थिति में बगीचे से लोगों के घर तक जर्दालू आम एवं शाही लीची पहुंचाने का प्रयास कृषि विभाग का उद्यान निदेशालय कर रहा है। इससे किसान के साथ उपभोक्ता भी लाभान्वित होंगे। बिहार राज्य उद्यानिक उत्पाद विकास योजना के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठनों को बाजार से जोड़ने एवं प्रसंस्करण इकाई लगाने में सहयोग मिल रहा है।
योजना के अंतर्गत 15 महत्वपूर्ण उद्यानिक फसलों के बाजार की व्यवस्था हो रही है। अब तक 22 जिलों में 23 किसान उत्पादक संगठनों का गठन करते हुए शीघ्र बाजार से जोड़ने की कोशिश जारी है। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शाही लीची और जर्दालू आम बिहार के विशिष्ट उत्पाद हैं। इनसे जुड़े किसान उत्पादक समूहों को बिग बास्केट, देहात और उड़ान जैसी संस्थाओं से जोड़ा गया है।
बिग बास्केट किसान से सीधे उपभोक्ताओं (बीटूसी) तक उत्पाद पहुंचाती है। देहात और उड़ान व्यवसाय से व्यवसाय (बीटूबी) संस्थान हैं। ये देश के कोने-कोने में खुदरा व्यवसायियों से सीघे जुड़ी हैं। कृषि विभाग के इस प्रयास से आम एवं लीची से जुड़े 500 किसान लाभन्वित होगे। किसानों को इस कोरोना काल में बाजार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए कृषि मंत्री ने विभाग के सचिव एवं उद्यान निदेशक के प्रयासों की सराहना की।